कुंदन कुमार, पटना। राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज करते हुए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने बहुचर्चित डस्टबिन खरीद घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमत्री तेजस्वी यादव की भूमिका को भी संदिग्ध बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके साथ ही, दिल्ली में बिहार के एक मौजूदा मंत्री के साथ हुई कथित मारपीट की घटना पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और राज्य की कानून-व्यवस्था व शासन के शीर्ष नेतृत्व के चरित्र पर गंभीर सवाल खड़े किए।
डस्टबिन खरीद घोटाले में तेजस्वी और मंगल पांडेय की संलिप्तता की हो जांच
प्रशांत किशोर ने प्रेस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार में करोड़ों रुपये के चर्चित डस्टबिन खरीद घोटाले के तार पिछली व्यवस्था से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने तथ्यों को सामने रखते हुए कहा कि डस्टबिन की खरीद प्रक्रिया की शुरुआत तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के कार्यकाल के दौरान ही हुई थी। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले में केवल मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की ही नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव की भूमिका की भी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि जनता के गाढ़े पसीने की कमाई को किस तरह से दोनों दलों के नेताओं की मिलीभगत से चूना लगाया गया।
दिल्ली में मंत्री के साथ कथित मारपीट पर सरकार के मुखिया पर साधा निशाना
दिल्ली में बिहार सरकार के एक मंत्री द्वारा कथित तौर पर एक युवती के साथ छेड़खानी करने और उसके बाद जनता द्वारा जूता-चप्पल से पीटे जाने की वायरल खबरों का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने बेहद कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से आ रही है कि बिहार के एक मंत्री पर दिल्ली में अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके बाद उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य के मुखिया का अपना राजनीतिक और व्यक्तिगत चरित्र दागदार और आपराधिक पृष्ठभूमि वाला हो, तो ऐसी शर्मनाक घटनाएं सरकार के मंत्रियों, विधायकों, व्यवस्था से जुड़े नुमाइंदों और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार सुनने को मिलती ही रहेंगी।
प्रशासनिक व्यवस्था और सुशासन के दावों पर सवाल
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि आज बिहार की जो दशा हो गई है, उसके लिए राज्य की सत्ता पर लंबे समय से काबिज पारंपरिक दल सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भ्रष्टाचार और अनैतिकता का खुला खेल चल रहा है। जन सुराज इसी व्यवस्था परिवर्तन के लिए मैदान में उतरा है, जहां जनता को अब किसी एक नेता या दल के भरोसे नहीं रहना है, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य के लिए खुद एक मजबूत और पारदर्शी विकल्प तैयार करना है। मुजफ्फरपुर की इस प्रेस वार्ता से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जन सुराज राज्य सरकार के हर एक घोटाले और जनप्रतिनिधियों के कुकृत्यों को जनता के बीच पूरी मजबूती से उठाता रहेगा।



