Patna Liquor Tragedy: पटना जहरीली शराब कांड मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। बाढ़ में चार युवकों की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस दौरान पुलिस ने अब तक कुल 42 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए भी हिरासत में लिया है। हालांकि युवकों के मौत की असली वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
चार युवकों की मौत से मचा हड़कंप
गौरतलब है कि बाढ़ अनुमंडल के सैदपुर टोला (बेढ़ना) में बीते रविवार (30, अगस्त) की दोपहर मछली और शराब की पार्टी कर रहे चार युवकों की अचानक से तबीयत बिगड़ गई। अचानक वे बेहोश होकर गिर पड़े और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद उनके परिजनों ने आनन-फानन में सभी को अस्पताल लाया, जहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। वहीं, नाराज ग्रामीणों सड़क पर उतरते हुए फोरलेन को जाम कर दिया।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी
घटना के संबंध में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 3 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। वहीं, कई संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। इसके अलावा घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने ग्रामीण इलाकों में शराब पीने और बेचने संबंधित कांडों में छापेमारी करते हुए कुल 42 लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटनास्थल से बरामद हुई शराब की बोतल
बता दें कि पुलिस को घटनास्थल से मछली और शराब की बोतलें बरामद हुई है, जिसे एफएसएल की टीम ने साक्ष्य के लिए एकत्र कर उसे जांच के लिए भेजा है। वहीं, परिजनों ने भी मृतकों के शराब पीने की बात स्वीकार की है। मृतक युवकों की पहचान बेढ़ना गांव निवासी शशि कुमार (32), पिता रामाकांत कुमार, विकास राम (40), पिता विरजु राम, पंकज सिंह (45), पिता नन्दे सिंह और निशु कुमार (30), पिता राजू सिंह के रूप में हुई है।
एनडीए नेताओं के लिए दुधारू गाय बनी शराबबंदी- तेजस्वी
जहरीली शराब कांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार और प्रशासन पर जमकर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा कि, बिहार में जहरीली शराब से फिर एक साथ 4 दुखद मौतें हुई है। प्रदेश में जहरीली शराब से अब तक 1500 से अधिक दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने के बावजूद सरकार इस पर मौन है।
उन्होंने कहा कि, प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब और बर्बाद हो चुकी है। चहुंओर भ्रष्टाचार व्याप्त है। तेजस्वी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, शराब से हुई मौतों पर कभी कोई निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं होती। क्योंकि इसमें एनडीए के मंत्रियों और अधिकारियों की शराब मफ़िया से मिलीभगत है। शराबबंदी एनडीए नेताओं के लिए दुधारू गाय बन चुकी है।
ये भी पढ़ें- Bihar Today Weather: बिहार में भारी बारिश का अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं


