कुंदन कुमार, पटना। जन सुराज के सूत्रधार और प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए आज सोमवार (13, जुलाई) को अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ती का भी ब्यौरा सामने आया है। प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी जाहन्वी दास के पास करोड़ों की संपत्ति है। हलफनामे के मुताबिक प्रशांत किशोर सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर मकान, जमीन और कई अन्य प्रॉपर्टी के मालिक हैं।
233.78 करोड़ के मालिक हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र के मुताबिक, उनके पास 65 हजार 570 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1 लाख 95 हजार 200 रुपये नकद हैं। प्रशांत किशोर के नाम 7 करोड़ 36 लाख 24 हजार 202 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) है। वहीं, उन पर 5 करोड़ 77 लाख 53 हजार 765 रुपये का कर्ज भी है।
पीके के पास नहीं है कोई निजी वाहन
शपथपत्र के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास 22 करोड़ 19 लाख 74 हजार 976 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी के पास 99 करोड़ 51 लाख 67 हजार 249 रुपये की चल संपत्ति दर्ज है। उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान जन सुराज पार्टी को 10 करोड़ रुपये का दान भी दिया है। दिलचस्प बात यह है कि प्रशांत किशोर के नाम कोई निजी वाहन दर्ज नहीं है।
आभूषणों की बात करें तो प्रशांत किशोर के पास 1 लाख 35 हजार रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी है। वहीं उनकी पत्नी के पास 64 लाख 12 हजार 500 रुपये के सोने के आभूषण और 46 हजार रुपये की चांदी है।
पीके और पत्नी के नाम हैं कई संपत्तियां
अचल संपत्ति के मामले में प्रशांत किशोर के पास करीब 73 करोड़ 87 लाख रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि उनकी पत्नी के नाम करीब 12 करोड़ 42 लाख रुपये की संपत्ति है। शपथपत्र के अनुसार, परिवार के पास कुल सात जगह मकान और भवन हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर के नाम 23 करोड़ 70 लाख 80 हजार 256 रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी के नाम 1 करोड़ 19 हजार 270 रुपये की अचल संपत्ति है।
पीके के खिलाफ दर्ज है 8 आपराधिक मामले
आय की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 में प्रशांत किशोर की कुल आय 58 लाख 45 हजार 430 रुपये रही, जबकि उनकी पत्नी की आय 40 लाख 23 हजार 800 रुपये दर्ज की गई है। शैक्षणिक योग्यता के अनुसार, प्रशांत किशोर ने वर्ष 1991 में 10वीं, 1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1996 से 1999 के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2010 में उन्होंने फ्रांस की एक यूनिवर्सिटी से भी डिग्री प्राप्त की। शपथपत्र के अनुसार, उनके खिलाफ कुल 8 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
बीजेपी के अहंकार को मिटाने का चुनाव- पीके
नामांकन पर्चा भरने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, किसी का कोई गढ़ नहीं होता है। सबकुछ जनता का होता है, जनता जिसको चाहेगी उसकी जीत होगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि, किसी पार्टी और नेता का कोई गढ़ नहीं होता है। जनता का गढ़ है। उन्होंने कहा कि, बांकीपुर विधानसभा का जो उप चुनाव हो रहा है। वह चुनाव नहीं है। यह बिहार में नेतृत्व बदलने का चुनाव है। बिहार में बीजेपी की अहंकार को मिटाने का चुनाव है।
15 उम्मीदवारों ने भरा है नामांकन
बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन का आज (13, जुलाई 2026) आखिरी दिन था। आज अंतिम दिन प्रशांत किशोर समेत कुल 4 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया, जिनमें जजद की प्रत्याशी प्रशांत वीणा मानवी, बीजेपी से नीरज सिन्हा और प्रीति किन्नर ने भी नामांकन भरा है। इससे पहले शनिवार तक राजद की रेखा गुप्ता समेत कुल 11 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भरा था। नामांकन भरने का समय अब समाप्त हो चुका है। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए मैदान में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके बीच मुकाबला होना है।
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