विकास कुमार, सहरसा। कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। इसी सिलसिले में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सहरसा पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंथन किया। जिला परिषद प्रांगण स्थित पूजा बैंक्वेट हॉल में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और खगड़िया जिलों के नेताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष कुमार अमृत राज ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी एमएलसी चुनाव के लिए योग्य प्रत्याशी का चयन और बूथ स्तर तक की चुनावी रणनीति तैयार करना रहा।

​लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होगा प्रत्याशी का चयन

​बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव में टिकट वितरण की पारदर्शी और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भावनाओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पार्टी ऐसा मजबूत और जमीनी उम्मीदवार मैदान में उतारेगी जो जीत दर्ज करने के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के रोजगार और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर सके।

​सम्राट चौधरी के बयान पर तीखा पलटवार

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए ‘बेचारे’ वाले बयान पर पीके ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद किसी ने मुख्यमंत्री को ‘बेचारा’ शब्द का सटीक शाब्दिक अर्थ नहीं समझाया है। उन्होंने खुद को ‘बेचारा’ बताते हुए स्पष्ट किया कि बिहार को बदहाली से उबारने के उनके संकल्प के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने दोटूक कहा कि वे राज्य को सम्राट चौधरी जैसे नेताओं के भरोसे छोड़कर पीछे हटने वाले नहीं हैं, इसलिए इस जनहित के संकल्प के आगे वे विवश यानी ‘बेचारा’ हैं।

​बाढ़ की समस्या और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा

​बिहार में हर बार आने वाली बाढ़ को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि कोसी अंचल के लोग पिछले 80 वर्षों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। उन्होंने सत्ताधारियों से सवाल किया कि पिछले दो दशकों से केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार रहने के बावजूद इस शाश्वत समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं खोजा जा सका।
​उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जाता है। तटबंधों के निर्माण से लेकर उनके टूटने तक के चक्र में बड़ा खेल होता है। उन्होंने व्यंग्य किया कि यदि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो गया, तो सियासतदानों की अकूत कमाई के कई रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।

​जल संसाधन विभाग को लेकर गंभीर आरोप

​गठबंधन सरकारों के भीतर मंत्रालयों के बंटवारे पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जल संसाधन विभाग एक ऐसा अहम महकमा है जिसे सत्ताधारी दल कभी अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहता। उन्होंने पू्र्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि विभागों के फेरबदल के बावजूद यह मलाईदार विभाग हमेशा खास लोगों के पास ही सुरक्षित रहा, जो भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है।
​इस विचार-विमर्श के दौरान मंच पर प्रदेश महासचिव नवल किशोर सिंह, ओबीसी विंग के प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार यादव, पूर्व विधायक सह प्रदेश उपाध्यक्ष किशोर कुमार मुन्ना, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता सरवर अली, संगठन महामंत्री सुभाष कुशवाह समेत चारों जिलों के जिलाध्यक्ष और कई गणमान्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।