कुंदन कुमार, पटना। शहर स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय के बाहर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विभिन्न जिलों से पहुंची संविदा महिला एएनएम (ANM) ने जोरदार प्रदर्शन किया। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी को घेर लिया।
नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने की मुख्य मांग
प्रदर्शन कर रही महिला स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे सरकारी अस्पतालों में पूरी निष्ठा के साथ एएनएम के पद पर संविदा के जरिए अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद उन्हें मात्र 15,000 रुपये प्रति महीना मानदेय दिया जाता है, जो आज के समय में उनके परिवार के भरण-पोषण और गुजारे के लिए बेहद नाकाफी है।
उनकी मुख्य मांगें हैं:
- सेवा नियमितीकरण: संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी एएनएम को स्थायी (पर्मानेंट) किया जाए।
- मानदेय में भारी वृद्धि: महंगाई के इस दौर में 15,000 रुपये के मानदेय को बढ़ाकर सम्मानजनक वेतन किया जाए।
- समान काम, समान वेतन: अन्य नियमित स्वास्थ्यकर्मियों की तरह समान सुविधाएं और अधिकार प्रदान किए जाएं।
मंत्री की गाड़ी को घेराव के बाद पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन के दौरान जब मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी जदयू कार्यालय से निकलने लगी, तो आक्रोशित एएनएम ने गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तुरंत सुरक्षा बलों और पुलिस बल को तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और उनकी मांगों को उच्च स्तर पर पहुंचाने का आश्वासन दिया।



