विधायक सतपाल जांबा ने बुधवार को पूंडरी क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में पौधारोपण कर वृक्षारोपण अभियान-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लोगों से पौधों के संरक्षण की अपील की।

राकेश कथूरिया, कैथल। विधायक सतपाल जांबा ने बुधवार को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वन विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वृक्षारोपण अभियान की पूंडरी के विभिन्न स्कूलों से शुरुआत की। विधायक ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पूण्डरी, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पूण्डरी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फतेहपुर एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फतेहपुर में विद्यार्थियों, अध्यापकगण एवं साथियों के साथ पौधारोपण कर वृक्षारोपण अभियान-2026 का शुभारंभ किया।

सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर

इस अवसर पर विधायक सतपाल जाम्बा ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल सुनिश्चित करना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गत वर्ष पूण्डरी विधानसभा के सभी श्मशान घाटों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर ‘ग्रीन पुण्डरी’ के संकल्प को साकार करने का प्रयास किया गया था, उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव विकसित हो।

पौधों का नियमित संरक्षण

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना है, ताकि लगाया गया हर पौधा भविष्य में एक सशक्त वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। विद्यार्थियों, अध्यापकगण, अभिभावकों एवं समाज की सक्रिय सहभागिता से हरे-भरे, स्वच्छ एवं पर्यावरण समृद्ध पुण्डरी के निर्माण का लक्ष्य लेकर यह अभियान निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

जनभागीदारी से साकार होगा सपना

अंत में विधायक सतपाल जाम्बा ने सभी नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही ‘ग्रीन पुण्डरी’ का सपना साकार होगा और विकसित पुण्डरी के निर्माण को नई गति मिलेगी।