करनाल में किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने जींद में पीएम मोदी के कार्यक्रम में जाने से रोके जाने का आरोप लगाया।
सुमन चौहान, करनाल। अमेरिका के साथ प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने करनाल के लघु सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार से इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि यदि यह डील लागू हुई तो इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के किसानों को उठाना पड़ेगा।
ट्रेड डील का विरोध
अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसान संगठनों ने आज करनाल के लघु सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि इस समझौते से देश के कृषि क्षेत्र और किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस डील को तुरंत वापस लेने की मांग की।

देशव्यापी आंदोलन का अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो वे एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि जिस तरह पहले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन हुआ था, उसी तरह अब भी बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

पीएम मोदी से मिलने की मांग
किसानों ने 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने और अपनी बात रखने के लिए जाने से रोका जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री के सामने अपनी चिंताएं रखना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दे रहा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और ट्रेड डील को लेकर आगे क्या फैसला लिया जाता है।

