जालंधर। पंजाब में पलारी जलाने के मामले में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आगे जैसे-जैसे धान कटाई होगी वैसे-वैसे पलारी चलाने का क्रम भी बढ़ाते जाएगा यही कारण है कि अब हवा भी बेहद प्रदूषण महसूस होने लगी है। प्रशासन एक ओर चिंता में है लेकिन किसान इस चिंता से बेखबर अपनी मनमानी करते नजर आ रहे हैं।
खबर है कि पिछले 24 घंटे में 283 नए मामले सामने आए हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है। पंजाब में लगातार पलारी जलाने के मामले में इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि 15 सितंबर से 20 अक्टूबर तक 35 दिन में 353 जगह पराली जलाई गई थी, लेकिन 21 अक्टूबर के बाद एक सप्ताह में ही 580 मामले सामने आ गए। अब तक कुल 933 मामले सामने आ चुके हैं।
हालांकि यह भी पिछले वर्ष के मुकाबले 57 प्रतिशत कम है। दीवाली के बाद अमृतसर और जालंधर में एअर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 500 के पार पहुंच गया था, जबकि लुधियाना की हवा की गुणवत्ता भी गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी। मंगलवार को अमृतसर में एक्यूआइ 187, बठिंडा में 111, जालंधर में 132, लुधियाना में 139, मंडी गोबिंदगढ़ में 167 और पटियाला में 121 दर्ज किया गया।
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