चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चार साल, भगवंत मान के साथ अभियान के तहत अपनी सरकार की शिक्षा क्रांति का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में किए गए बुनियादी सुधारों के कारण पंजाब के सरकारी स्कूल अब मॉडल शिक्षा संस्थानों में बदल चुके हैं, जिसके परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहे हैं।
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मुख्यमंत्री मान ने आंकड़ों के जरिए बताया कि आप सरकार ने शिक्षा को राज्य के विकास की रीढ़ माना है। उन्होंने जानकारी दी कि साल 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था। साल 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

मिड-डे मील केंद्र से स्मार्ट स्कूल तक का सफर
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को महज मिड-डे मील केंद्र बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने कहा, पहले स्कूलों को सिर्फ बाहर से पेंट करके स्मार्ट होने का दावा किया जाता था, जबकि अंदर शिक्षकों और सुविधाओं की भारी कमी थी। हमने उस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि गुजरात जैसे राज्यों के उलट, पिछले चार वर्षों में पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना नहीं हुई है।
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