चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी मावां-धियां सत्कार योजना के तहत बड़ी राशि जारी करने की तैयारी में है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा इस योजना का वित्तीय लाभ 1 जुलाई 2026 से शुरू करने के लिए अंतिम चरण की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।


सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिलाओं को एकमुश्त एडवांस राशि देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एडवांस के साथ-साथ अप्रैल महीने से अब तक का बकाया भी सीधे ट्रांसफर किया जा सकता है।

तिमाही या छमाही आधार पर मिल सकता है पैसा, एकमुश्त आएंगे ₹6,000 तक

सरकार इस राशि का भुगतान तिमाही या छमाही आधार पर करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। चूंकि पंजाब सरकार ने इस योजना का लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना है, इसलिए अप्रैल, मई और जून महीने की पुरानी बकाया राशि भी लाभार्थियों को एक साथ देने की तैयारी है।

यदि सरकार इसे तिमाही आधार पर लागू करती है, तो महिलाओं के खातों में एक साथ ₹4,000 से लेकर ₹6,000 तक की एडवांस राशि भेजी जा सकती है। यह पूरी राशि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खातों में जमा होगी।

किसे कितना मिलेगा लाभ?

पंजाब सरकार का दावा है कि इस योजना के लागू होने से राज्य की करीब 97 फीसदी वयस्क महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके तहत श्रेणियां इस प्रकार तय की गई हैं। अनुसूचित जाति वर्ग को इस वर्ग से संबंधित महिलाओं को 1500 प्रति माह दिए जाएंगे। सामान्य और पिछड़ा वर्ग को इस वर्ग की महिलाओं को 1000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी।

महिला दिवस पर हुई थी घोषणा, 9300 करोड़ का बजट

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस अहम योजना का औपचारिक एलान बीते 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान किया था। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बड़ा बजटीय प्रावधान रखा गया है।

घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रही हैं महिला सत्कार सखियां

महिलाओं की सुविधा और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने हर गांव और मोहल्ले में विशेष महिला सत्कार सखियां तैनात की हैं। ये सखियां घर-घर जाकर महिलाओं के आवेदन फॉर्म भरने में मदद कर रही हैं, ताकि किसी भी पात्र महिला को इस योजना का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो और समय पर सहायता राशि पहुंच सके।