चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने राज्य के किसानों और ग्रामीणों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि धान की बुआई का सीजन शुरू होने से पहले गांवों की सड़कों, गलियों, फुटपाथों और आम रास्तों से सभी प्रकार के कब्जे और रुकावटें हटा ली जाएं। संधवां के मुताबिक, जो कोई भी समाज के लिए रास्ते खोलता है, वह असल में विकास, आपसी भाईचारे और जनसेवा का मार्ग प्रशस्त करता है।

कब्जों के कारण आम जनता और किसानों को होती है परेशानी

अपने संदेश में स्पीकर संधवां ने कहा कि कई गांवों में सार्वजनिक सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों के कारण आम लोगों को रोज आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से खेती के सीजन के दौरान, जब किसानों, मजदूरों और कृषि से जुड़ी भारी मशीनों (जैसे ट्रैक्टर, कंबाइन) की आवाजाही बढ़ जाती है, तब सड़कों का खुला और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी हो जाता है।

यदि धान की बुआई से पहले गांवों की मुख्य सड़कों, लिंक रोड और फुटपाथों को साफ कर दिया जाए, तो इससे न केवल ट्रैफिक सुगम होगा बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी काफी कम हो जाएगा। रास्ते साफ होने से इमरजेंसी के समय एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत सेवाओं को गांवों तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी।

निजी हितों से ऊपर उठकर सामाजिक भलाई के लिए आगे आएं लोग

कुलतार सिंह संधवां ने लोगों से अपने निजी हितों को छोड़कर समाज की भलाई के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांवों के विकास और सुरक्षा के लिए सार्वजनिक जगहों और सड़कों को खुला रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। यह केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।

जागरूकता अभियान चलाने की मांग

स्पीकर संधवां ने ग्राम पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं, युवा संगठनों और किसान यूनियनों से भी अपील की है कि वे अपने-अपने गांवों में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को सार्वजनिक रास्ते खाली करने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने अंत में कहा कि यदि पंजाब के लोग इस मुहिम में शामिल होते हैं, तो गांवों की सूरत बदल जाएगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने इसे समाज सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए सभी से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।