सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला और अनूठा मामला सामने आया है। यहां खेत में काम कर रहे एक युवक को जहरीले कोबरा सांप ने डस लिया। लेकिन, युवक ने घबराने या पैनिक करने के बजाय जिस अद्भुत सूझबूझ और साहस का परिचय दिया, उसने सबको अचरज में डाल दिया। युवक ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि उस खतरनाक सांप को भी जिंदा पकड़कर अपने साथ अस्पताल ले आया।

​खेत में काम के दौरान हुआ जानलेवा हमला

​मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मीरपुर गांव की है। यहां का एक स्थानीय युवक अपने खेत में रोजाना की तरह सामान्य कामकाज में व्यस्त था। इसी दौरान अचानक उसकी नजर वहां छिपे एक जहरीले कोबरा सांप पर नहीं पड़ी और सांप ने उसे डस लिया। आमतौर पर ऐसे मामलों में लोग डर जाते हैं या फिर तुरंत बेहोश होने लगते हैं, लेकिन इस युवक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अत्यधिक संयम और मानसिक दृढ़ता दिखाई।

​डरने के बजाय सांप को किया डिब्बे में कैद

​कोबरा के डसते ही युवक को अहसास हो गया कि मामला जहर का है। उसने घबराने के बजाय तुरंत जवाबी कार्रवाई की और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उस खतरनाक और जहरीले कोबरा सांप को जिंदा ही दबोच लिया। इसके बाद उसने बड़ी सावधानी से सांप को एक डिब्बे के अंदर बंद कर दिया। इतना ही नहीं, सांप को डिब्बे में सुरक्षित कैद करने के बाद वह अपने स्वजनों को साथ लेकर बिना वक्त गंवाए सीधे सदर अस्पताल के लिए रवाना हो गया।

​अस्पताल में मचा हड़कंप, डॉक्टरों ने की तुरंत कार्रवाई

​जब युवक हाथ में डिब्बा लिए सदर अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में पहुंचा, तो किसी को इस बात की भनक नहीं थी कि उसके अंदर क्या है। जैसे ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने डिब्बा खोलकर उस जीवित कोबरा सांप को दिखाया गया, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई। डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और वहां इलाज कराने आए अन्य मरीज सांप को देखकर पूरी तरह दंग रह गए।
​हालांकि, डॉक्टर अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए तुरंत सतर्क हो गए। उन्होंने बिना देर किए युवक का एंटी-स्नेक वेनम और अन्य जरूरी उपचार शुरू कर दिया। डॉक्टरों की टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए युवक को करीब 12 घंटे तक लगातार अपनी कड़ी निगरानी में रखा।

​समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा, डॉक्टरों की बड़ी सीख

​युवक की सूझबूझ और समय पर सही अस्पताल पहुंचने का नतीजा यह रहा कि जहर पूरे शरीर में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। करीब 12 घंटे की चिकित्सकीय देखरेख के बाद युवक की हालत पूरी तरह से सामान्य और स्थिर हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से सुरक्षित छुट्टी दे दी।
​इस घटना के बाद सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने आम जनता के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश और अपील जारी की है। डॉक्टरों ने कहा है कि सांप के काटने पर कभी भी झाड़-फूंक, ओझा-गुणी या अंधविश्वास के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। ऐसे मामलों में एक-एक पल कीमती होता है, इसलिए बिना देर किए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए। समय पर सही उपचार मिलने से किसी भी व्यक्ति की बहुमूल्य जान को आसानी से बचाया जा सकता है।