पूर्णिया। जिले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। धमदाहा थाना क्षेत्र के इटहरी पंचायत अंतर्गत हरिपुर गांव (वार्ड-1) में जमीन के नीचे चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री को पकड़ा गया है। शातिरों ने इस अवैध धंधे को छुपाने के लिए जमीन के ऊपर पत्तल बनाने की मशीन लगा रखी थी, ताकि ग्रामीणों या पुलिस को कोई शक न हो। इस मामले में पुलिस ने कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कोलकाता से मिला सुराग और संयुक्त छापेमारी
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत कोलकाता से हुई, जहां एसटीएफ ने एक संदिग्ध को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने यह हथियार पूर्णिया के धमदाहा से खरीदा था। इस इनपुट के आधार पर कोलकाता एसटीएफ की टीम पूर्णिया पहुंची और बिहार एसटीएफ व स्थानीय धमदाहा पुलिस के साथ मिलकर हरिपुर गांव में सुरेंद्र मंडल के घर पर संयुक्त छापेमारी की।
पत्तल उद्योग की आड़ में तहखाने का खेल
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो ऊपरी हिस्से में पत्तल बनाने की यूनिट दिखाई दी। लेकिन बारीकी से जांच करने पर पुलिस को एक गुप्त तहखाने का रास्ता मिला, जिसमें बांस की सीढ़ी लगी हुई थी। नीचे उतरने पर पुलिस के होश उड़ गए; वहां हथियार बनाने का पूरा सेटअप तैयार था। इस गन फैक्ट्री से सामान बाहर निकालने के लिए पुलिस को जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। मौके से 10 अर्द्धनिर्मित पिस्टल, 14 लोहे की प्लेट, लेथ मशीन और कटर मशीन सहित कई उपकरण जब्त किए गए हैं।
मुंगेर का मास्टरमाइंड और 4 गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री का मास्टरमाइंड मुंगेर का रहने वाला सूरज कुमार है, जो पूर्णिया से तैयार हथियारों को दूसरे जिलों में सप्लाई करता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुंगेर के मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद अनवर, तथा स्थानीय निवासी मिट्ठू कुमार और गब्बर मंडल शामिल हैं। मिट्ठू कुमार पहले दूसरे राज्य में मजदूरी करता था और पिछले महीने ही गांव लौटा था। पुलिस को आशंका है कि उसे मोहरा बनाकर इस रैकेट को चलाया जा रहा था।
छह महीने की प्लानिंग और जांच जारी
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारखाने को शुरू करने की तैयारी पिछले 6 महीनों से चल रही थी, जबकि पिछले 2 महीनों से यहां हथियारों का निर्माण पूरी तरह सक्रिय था। इस बड़ी कार्रवाई में बिहार एसटीएफ के डीएसपी अली साबरी, कोलकाता एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर सोहम चटर्जी, धमदाहा डीएसपी संदीप गोल्डी और थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार शामिल थे। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक यहां से कितने हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जा चुकी है।

