सतीश सिंह, रायबरेली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को रायबरेली पहुंचे. रायबरेली पहुचने के बाद मुख्यमंत्री राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार पहुंचे. जहां वह 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह जी की 222वीं जयंती में शामिल हुए. साथ ही 21 करोड़ से अधिक की लागत से नवनिर्मित राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार का लोकार्पण भी किया. इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को विस्मृत करता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता. दुर्भाग्य से भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करके भ्रम में डालकर एक ठेका ले लिया है, भारत के खिलाफ षड्यंत्र करने का.

मुख्यमंत्री ने रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मैं पिछले दिनों इस रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के बयान को पढ़ रहा था. महाराष्ट्र में उन्होंने बयान दिया कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आ जाएं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के रूप में ये देश आपसे बहुत अपेक्षा नहीं करता, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको देश के लोकतंत्र के रूप में जवाबदेह बनाता है. आपने संविधान की शपथ ली थी, आप भारत की परंपरा को, विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं. यूपी के बाहर जाते हैं तो यूपी को लांछित और अपमानित करते हैं, भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं.

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मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया, “भारत की सेना जब सीमाओं पर लड़ती है तो आप भारत सेना से प्रमाण मांगते हैं. आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में देशद्रोही तत्वों को प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं. अयोध्या में भगवान राम के अस्तित्व पर आपकी पार्टी प्रश्न खड़ा करती है. लोकतंत्र के प्रति आपकी निष्ठा क्या है, यह तो 1975 में इस देश ने आपातकाल के काले साये को देखा है. मनु को जानना है तो अथर्ववेद पढ़िए, मत्स्य पुराण पढ़िए, सारी जानकारी मिल जाएगी.

योगी आदित्यनाथ ने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली युवती की घटना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा, जंतर मंतर पर एक बेटी ने प्रधानमंत्री के प्रति किस अभद्र भाषा का प्रयोग किया था. बाद में उस बेटी और उसकी मां ने अपने शब्दों को वापस लिया, माफी मांगा. इस बात को स्वीकार किया कि उनकी बेटी ने गलत किया है. आप क्यों अर्बन नक्सलियों के हाथों भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद करना चाहते हैं? क्यों भारत की विरासत और भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं?

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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा की थी, लेकिन वह भूमिका भी बर्बाद कर दी गई. उन्होंने कहा, “यही कारण है कि ये अमेठी और रायबरेली इस परिवार को ढोता तो रहा, लेकिन इस क्षेत्र के सामने पहचान का संकट भी इस परिवार ने हमेशा खड़ा किया. यहां के स्मारक, संस्थानों के नाम एक परिवार के नाम पर हो जाएं, इन्हें अच्छा लगता था. लेकिन किसी राना बेनी माधव बख्श सिंह या किसी महापराक्रमी वीरा पासी के नाम पर हों, ये कभी इनकी पीढ़ी ने नहीं सोचा.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद मछली भोज का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब हम एक होकर लड़ाई बढ़ाएंगे तो देश की स्वाधीनता बनी रहेगी, अन्यथा कल देखा होगा कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान ही नहीं करते हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का आचरण देखा होगा, अयोध्या में हनुमान गढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और फिर मछली भोज की दावत उड़ाते हैं. ये राम-राम चिल्लाते हैं. बेशर्मी की भी सीमा होती है. किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते. ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण. गिरगिट भी शरमा जाता होगा इन्हें देखकर कि मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है कि वहां वो राम-राम चिल्ला रहे हैं, बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग कर रहे और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं.

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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या के मामले का भी जिक्र कर आरोप लगाते हुए कहा कि ये व्यक्ति उस माफिया के खिलाफ बयान देने नहीं गया, बल्कि उसके सामने घुटने टेक, नतमस्तक हो गया. ये व्यक्ति उस दुर्दांत माफिया के सामने अपने भाई के हत्यारे के सामने घुटने टेक चुका था. वो तो सरकार आई, इस सरकार ने उसे रगड़कर उसकी भूसी निकाल दी. अन्यथा नहीं तो इन लोगों ने तो प्रदेश को माफिया प्रदेश बना दिया था.