अनिल सक्सेना, रायसेन। अगर आप भी विदेशों में काम करने के लिए जा रहे है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के एक युवक को विदेश की मस्जिद में इमाम बनाने का सपना दिखाकर टॉर्चर करने का मामला सामने आया है। जहां युवक से 40 कमरों के टॉयलेट साफ करवाए, बर्तन धुलवाए और 15-15 घंटे काम उससे काम कराया गया। पीड़ित युवक ने अपनी आपबीती मीडिया को बताई है।
2 लाख लेकर भेजा मस्कट
यह पूरा मामला रायसेन जिले के दीवानगंज के रहने वाले मोहम्मद फैजान का है। फैजान के मुताबिक, जनवरी 2026 में एक एजेंट से मुलाकात हुई थी। जिसने भरोसा दिलाया था कि ओमान की एक मस्जिद में इमाम यानी नमाज पढ़ाने का काम दिलाएगा। इसी वादे के नाम पर एजेंट ने पहले 20 हजार लिए। फिर मेडिकल प्रक्रिया के नाम पर 1 लाख 80 हजार और मांगे। इस तरह से लगभग 2 लाख रुपये का इंतजाम किया गया और फैजान को 4 मई 2026 को ओमान के मस्कट भेजा।”
इमान बनाने की बजाय मिनिस्ट्री ऑफिस में लगाई ड्यूटी
यहां तक ठीक था लेकिन ओमान पहुंचने के बाद फैजान को जिंदगी नर्क बन गई! मस्जिद में इमाम बनाने की बजाय उन्हें एक मिनिस्ट्री ऑफिस में भेजा गया। फैजान ने बताया कि रोजाना 30 से 40 कमरों की सफाई करायी जाती थी। टॉयलेट साफ, बर्तन धोना और लगातार 14 से 15 घंटे ड्यूटी कराई जाती थी। इतना ही नहीं इसके बदले में न तो सैलरी मिलती थी और न ही खाने के लिए पैसे, जिससे हालत इतनी बदतर हो गई थी कि कई बार भूखा रहना पड़ा था।
दूसरे भारतीय बने फरिश्ता
फैजान के मुताबिक, कंपनी और एजेंट से जब मदद मांगी तो इनकार कर दिया, जिससे उन्होंने कई बार सुसाइड करने का मन बनाया। लेकिन इस बीच दूसरे भारतीय ने फैजान की सहायता की। मस्कट में रहने वाले नवाब भाई नाम के एक शख्स ने फैजान को पैसे दिए और एक अन्य शख्स मोहम्मद खलील अहमद ने डेढ़ महीने तक फैजान को घर पर जगह दी। ढाई महीने की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना सहने के बाद आखिरकार भारतीय दूतावास ने इस कैद भरी जिंदगी से बाहर निकाला और फैजान की सुरक्षित वतन वापसी हुई।
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