Rajasthan Assembly By Election 2024: राजस्थान की 7 सीटों पर हो रहे उपचुनाव पर सभी की नजरें हनुमान बेनीवाल के गढ़ मानी जाने वाली खींवसर सीट पर हैं। वर्षों बाद खींवसर का राजनीतिक समीकरण जटिल हो गया है, जहां हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के अलावा भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। हाल ही में कांग्रेस ने खींवसर में भाजपा के पूर्व नेता और आईपीएस रहे सवाई सिंह गोदारा को पार्टी में शामिल कर उनकी ओर से टिकट दिया, जिससे हनुमान बेनीवाल असहज नजर आए थे।

सीएम भजनलाल का बड़ा मास्टरस्ट्रोक
इस बीच, शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खींवसर की लड़ाई को और रोचक बनाते हुए कांग्रेस के प्रमुख नेता दुर्ग सिंह चौहान को भाजपा में शामिल कर लिया। दुर्ग सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया।
शुक्रवार रात जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की मौजूदगी में दुर्ग सिंह चौहान समेत सैकड़ों प्रमुख लोग भाजपा में शामिल हुए। मदन राठौड़ ने उन्हें दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। दुर्ग सिंह का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस से टिकट की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, दुर्ग सिंह चौहान खींवसर से कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। उन्होंने हाल ही में कहा था कि यदि पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो 2023 के विधानसभा चुनाव में खींवसर की जनता इसका जवाब देगी। खींवसर विधानसभा का गठन होने के बाद से कांग्रेस का पंचायत समिति, जिला परिषद और विधानसभा सीट पर खाता नहीं खुला। दुर्ग सिंह चौहान के भाजपा में शामिल होने से खींवसर में कांग्रेस की स्थिति कमजोर होगी, जिसका असर उपचुनाव के परिणामों पर देखा जा सकता है।
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