Rajasthan ATS Raid: राजस्थान की सुबह आज अचानक ATS की टीमों ने एक साथ 20 से ज्यादा शहरों में धावा बोला। पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्धों को पकड़ने के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है। 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। शहर-शहर दौड़ती पुलिस की गाड़ियों ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

गेमिंग और पैसे का लालच, फिर देश के खिलाफ साजिश

जांच एजेंसियों की पड़ताल में एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। आतंकी भट्टी का तरीका एकदम फिल्मी है। वह सोशल मीडिया पर ऑनलाइन गेमिंग का जाल बिछाता है। पहले तो युवाओं को मोटा पैसा और गैंगस्टर वाली लाइफस्टाइल का लालच दिया जाता है। जब लड़के झाँसे में आ जाते हैं, तो उनसे मिलिट्री एरिया या सरकारी दफ्तरों की फोटो और वीडियो मँगवाए जाते हैं। सीमा से सटे जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों के युवा इसके निशाने पर सबसे ज्यादा हैं।

क्या राजस्थान में स्लीपर सेल एक्टिव हैं?

एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ये छापेमारी अचानक नहीं हुई है। पिछले 6 महीनों से इन संदिग्धों की डिजिटल कुंडली खंगाली जा रही थी। इनके फोन, सोशल मीडिया चैट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बारीकी से जा रही है। अंदेशा ये है कि हवाला के जरिए इनको पैसा मिल रहा था। इस पैसों से राजस्थान की शांत फिजाओं में जहर घोलने की साजिश रची जा रही थी। क्या ये लोग सिर्फ मोहरे थे या कोई बड़ा स्लीपर सेल? एटीएस अब इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।

हरियाणा से दिल्ली तक फैला है जाल

भट्टी का नेटवर्क सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है। इसका असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि एजेंसियां अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं। जिन 28 लोगों को पकड़ा गया है, उनसे पूछताछ के बाद कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। फिलहाल, इन शहरों के मुख्य चौराहों और संदिग्ध ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पकड़े गए लोगों के लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

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