Rajasthan News: राजस्थान की सियासत में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। सीकर और गोविंदगढ़ के रीको इलाके में कृषि विभाग की टीम के साथ जमकर मारपीट हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लिया है। डोटासरा का सीधा आरोप है कि छापेमारी के नाम पर राजस्थान में मोटी कमीशनखोरी और उगाही का खेल चल रहा है।

दूसरी तरफ, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। उन्होंने साफ कह दिया कि अगर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सच साबित हुआ तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

पहले छापा फिर 20 लाख की सेटिंग का आरोप?

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरी घटना को लेकर सरकार की घेराबंदी की है। डोटासरा का कहना है कि कृषि विभाग के अफसर पहले दुकानदारों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई का डर दिखाते हैं। इसके बाद डरा-धमकाकर पर्दे के पीछे सौदेबाजी की जाती है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में अधिकारी ने कार्रवाई का खौफ दिखाकर व्यापारी से 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। डोटासरा ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि कृषि मंत्री जी, इस खुलेआम ब्लैकमेलिंग पर आपका बयान क्यों नहीं आया? जनता अब आपसे जवाब मांग रही है।

26 मई को क्या हुआ था?

यह पूरा मामला 26 मई की एक बड़ी कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। उस दिन खुद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने सीकर और गोविंदगढ़ के रीको इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर अचानक छापा मारा था।

वहां भारी मात्रा में फंगस लगा नकली मूंगफली का बीज मिला था। इसे पुलिस और विभाग ने तुरंत जब्त कर लिया था। मंत्री के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद भी वहां गुपचुप तरीके से नकली बीज बेचने की खबरें आ रही थीं। इसी का सच पता लगाने के लिए विभाग की एक स्पेशल टीम काम पर लगी थी।

किसान बनकर गए थे अफसर, व्यापारी ने जाल बिछाकर पीटा

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि विभाग के दो कर्मचारी, संदीप और रजनीश, खुद किसान का भेष बनाकर इलाके में जानकारी जुटा रहे थे। इसी बीच बीज व्यापारी को भनक लग गई कि ये सरकारी लोग हैं।

व्यापारी ने एक सोची-समझी साजिश रची। उसने टीम को एक सुनसान लोकेशन पर बुलाया। वहां पहले से ही 20-25 लोग लाठी-डंडे लेकर तैयार खड़े थे। उन्होंने टीम पर पैसे मांगने का झूठा आरोप मढ़ा और दोनों कर्मचारियों को बेरहमी से पीट दिया। मंत्री का दावा है कि रिश्वत मांगने के सारे आरोप पूरी तरह बकवास और मनगढ़ंत हैं। वे किसानों के हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे।

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