Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बाड़मेर जिले से जुड़े खाद्य सुरक्षा अधिनियम और गिव अप अभियान पर चर्चा हुई। मंत्री के जवाब के बाद शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके सवाल का उत्तर आधा हिंदी और आधा अंग्रेजी में दिया गया है, जबकि सदन में प्रश्नों का जवाब हिंदी में ही दिया जाना चाहिए।

गिव अप अभियान पर सवाल
विधायक भाटी ने पूछा कि बाड़मेर जिले में गिव अप अभियान के तहत कितने परिवारों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी और कितनों को जबरन बाहर किया गया। इस पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी परिवार को जबरदस्ती खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख 56 हजार 654 परिवारों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी है।
शिव क्षेत्र से 43 हजार से अधिक लोगों ने छोड़ी योजना
मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि शिव विधानसभा क्षेत्र से 43 हजार 82 लोगों ने गिव अप अभियान के तहत योजना छोड़ी है। साथ ही शिव क्षेत्र में 1425 और पूरे बाड़मेर जिले में 4997 आवेदन अभी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे, यही मुख्यमंत्री का उद्देश्य है।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर चर्चा
रविंद्र सिंह भाटी ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। मंत्री गोदारा ने जवाब दिया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं दिया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता संतोषजनक है। यह गेहूं केंद्र सरकार की योजना के अनुसार ही वितरित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना में लाभार्थियों को 450 रुपये में 12 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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