Rajasthan News: सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहां उन्होंने महज 6 घंटे के अंदर 10 मरीजों के घुटने के जोड़ (नी-जॉइंट) का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया। यह अद्भुत कार्य तब हुआ जब अस्पताल के रेजिडेंट चिकित्सक हड़ताल पर थे। यह राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में एक नया रिकॉर्ड है, और विशेष बात यह है कि सभी मरीजों का इलाज निःशुल्क किया गया।

वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ने सरकारी क्षेत्र में जॉइंट रिप्लेसमेंट का यह रिकॉर्ड स्थापित किया है। आमतौर पर, घुटने के प्रत्यारोपण के लिए निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने यह कार्य बेमिसाल तरीके से किया। डॉ. धाकड़ ने बताया कि यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अस्पताल के सभी चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।
प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में निःशुल्क सेवाएँ
डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि निजी अस्पतालों में घुटने के जोड़ का प्रत्यारोपण काफी महंगा होता है, जबकि एसएमएस अस्पताल में यह सेवा बिल्कुल मुफ्त प्रदान की जा रही है। हालांकि, यह सुविधा केवल राजस्थान के निवासियों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग गठिया जैसी बीमारियों के कारण चलने में असमर्थ होते हैं, और ऐसे मरीजों के लिए घुटने के प्रत्यारोपण आवश्यक हो जाता है। एसएमएस अस्पताल में उच्च गुणवत्ता के इंप्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को राहत मिलती है। डॉ. धाकड़ ने यह भी बताया कि जिन मरीजों का घुटने का प्रत्यारोपण किया गया है, वे सभी स्वस्थ हैं।
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