Rajasthan News: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खंडीप गांव में पिछले करीब 20 दिनों से चल रहा किसानों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़े जाने की मांग को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे थे।

महापंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों के समाधान के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने नहरों में पानी छोड़े जाने की व्यवस्था के लिए 1 जुलाई तक का समय मांगा और कहा कि अगले छह दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।
दरअसल, पांचना बांध का जल विवाद कोई नया मुद्दा नहीं है। वर्ष 2006 से यह मामला लगातार चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीनें बांध परियोजना के कारण डूब क्षेत्र में चली गई थीं, इसलिए पानी पर उनका पहला अधिकार बनता है।
वहीं कमांड एरिया के करीब 35 गांवों के किसान सिंचाई के लिए पानी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगभग 9,985 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी के अभाव में प्रभावित हो रही है और वे इस मामले में न्यायालय के आदेशों का भी हवाला देते हैं।
लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को कई बार मीणा और गुर्जर समुदायों के बीच टकराव के रूप में देखा गया, हालांकि दोनों पक्ष लगातार यह कहते रहे हैं कि उनकी लड़ाई केवल सिंचाई के पानी और किसानों के अधिकारों को लेकर है। अब सभी की निगाहें 1 जुलाई पर टिकी हैं, जब नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर सरकार की ओर से कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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