Rajasthan News: उदयपुर. शोभागपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही से एक वर्ष पूर्व नवजात बच्चे के दृष्टिहीन होने के मामले में न्यायालय के आदेश पर दो चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

कोर्ट में पेश इस्तगासे में बताया गया कि सुखेर थाना पुलिस ने कलक्टर की जांच को भी नहीं माना और मामला दर्ज करने में लापरवाही की. परिवादी सेक्टर-14 निवासी योगेश जोशी ने मीरा नगर स्थित मैग्नस हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा गोयल और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी के गर्भवती होने के बाद से वे मैग्नस अस्पताल में डॉ. शिल्पा गोयल से उसकी जांच करवा रहे थे.
19 जुलाई, 2023 को 7वें माह में वे रूटीन चैकअप के लिए अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने एम्नीओटिक फ्लूइड की जांच कर इसकी मात्रा 3.9 बताई. इसे बच्चे और मां के लिए खतरनाक बताते हुए भर्ती होने को कहा. प्रार्थी अन्य लैब में जांच करवाने पहुंचा तो वहां की रिपोर्ट में एम्नीओटिक फ्लूइड 8.2 आया. इस संबंध में जब डॉ. शिल्पा को बताया तो उन्होंने फिर से जांच करवाई. इस बार उनकी रिपोर्ट में यह फ्लूइड 5.8 बताया और परिजनों को तुरंत भर्ती करवाने और सिजेरियन डिलीवरी के लिए दबाव बनाने लगे.
प्रार्थी ने पत्नी को अस्पताल में भर्ती करवाया दिया. 24 जुलाई को सिजेरियन डिलीवरी की गई. इसके बाद से डॉ. मनोज अग्रवाल जांच करने लगे. बच्चा प्री-मैच्योर होने के कारण उसे एनआईसीयू में रखा गया. प्री-मैच्योर बच्चे की रेटीनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योर (आरओपी) की जांच भी होती है, जो ही नहीं की गई.
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