Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। ओटीएस चौराहे के ट्रैफिक से परेशान जनता के लिए हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिससे भजनलाल सरकार को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि सरकार बदलने से पुराने वादे और कॉन्ट्रैक्ट खत्म नहीं होते। अब ओटीएस चौराहे पर गहलोत सरकार के समय पास हुए नक्शे के हिसाब से ही काम होगा।

सरकार बदली तो रोक दिया था काम

दरअसल, पूरा मामला जयपुर के ओटीएस चौराहे को सिग्नल-फ्री बनाने से जुड़ा है। गहलोत सरकार ने बजट में इस चौराहे की सूरत बदलने का वादा किया था। दिसंबर 2022 में जेसीएल इन्फ्रा कंपनी को इसका ठेका मिला। काम जनवरी 2024 तक पूरा होना था, लेकिन इसी बीच प्रदेश में सत्ता बदल गई।

भजनलाल सरकार आते ही जेडीए ने अप्रैल 2024 में पुराना कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया। इतना ही नहीं, दिसंबर में बैंक गारंटी लौटाई और अप्रैल 2025 में फ्लाईओवर के लिए नई डीपीआर बनाने का टेंडर भी निकाल दिया। इसी मनमानी के खिलाफ कंपनी कोर्ट पहुंच गई।

हाई कोर्ट की जेडीए को सख्त फटकार

जस्टिस समीर जैन की अदालत ने इस मामले में जेडीए के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक वजहों से सरकार अपने वादों से पीछे नहीं हट सकती। जेडीए ने कंपनी पर जो भी आरोप लगाए थे, वो सब गलत निकले। कोर्ट को जांच में पता चला कि देरी जेडीए की वजह से हुई, क्योंकि उन्होंने जमीन और जरूरी मंजूरी टाइम पर नहीं दी थी। कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि नया टेंडर निकालना पूरी तरह गलत है, इससे सिर्फ जनता के पैसों की बर्बादी होगी।

अब ओटीएस चौराहे पर क्या-क्या बनेगा?

हाई कोर्ट ने जेडीए को आदेश दिया है कि वो पुराने ठेके के हिसाब से तुरंत काम शुरू करे। इस 184.30 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत ओटीएस चौराहे पर हवा में झूलता हुआ पुल, ट्रैफिक आइलैंड और बड़े गोलचक्कर, जमीन के नीचे खूबसूरत आर्ट गैलरी, पैदल चलने वालों के लिए पाथवे, नए फव्वारे और स्कल्पचर्स का निर्माण होगा।

मुख्य सचिव करेंगे गड़बड़ी की जांच

अदालत ने सिर्फ फैसला ही नहीं सुनाया, बल्कि इस पूरे खेल में शामिल अफसरों पर कार्रवाई का रास्ता भी साफ कर दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वो इस पूरे मामले की जांच करें। दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपकर बताना होगा कि किस अफसर की गलती की वजह से जनता के प्रोजेक्ट में देरी हुई और सरकारी पैसे को नुकसान पहुंचाया गया।

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