Rajasthan News: बीकानेर. समर्थन मूल्य पर मूंगफली और मूंग की सरकारी खरीद सोमवार से शुरू होगी। जिले में मूंगफली खरीद के लिए 42 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। पंजीकृत किसानों को एसएमएस के जरिए उनके टोकन की तुलाई तिथि भेजनी शुरू कर दी गई है। इस बार सबसे बड़ी चुनौती फर्जी गिरदावरी और दोहरे पंजीयन की रही है। प्रशासन की जांच में करीब 6 हजार टोकन फर्जी पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है।

बिजली बिल व सिंचाई पर्ची जरूरी
जांच में सामने आया कि कई जगह जन आधार में पति-पत्नी दोनों के नाम टोकन पंजीकृत हैं। इनमें से किसी एक का ही टोकन मान्य होगा। दूसरा निरस्त किया जाएगा। फर्जी गिरदावरी रोकने के लिए खरीद केंद्रों पर किसान को बिजली बिल, सिंचाई पर्ची दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
फर्जी बंटाई स्टाप पर भी निगरानी
जिले में फर्जी बंटाइदार, मालिक की ही जमीन पर अलग से स्टाप बनाकर पंजीयन कराने के मामले भी मिले हैं। अब तुलाई के दौरान भूमि मालिक और बंटाइदार दोनों के आधार कार्ड पर ओटीपी आएगा। इससे फर्जी स्टाप या गलत बंटाई अनुबंध तुरंत पकड़ में आ जाएगा। नई एसओपी के अनुसार, केवल मई से जुलाई के बीच के अनुबंध ही मान्य होंगे। उससे पहले या बाद के स्टाप स्वीकार नहीं होंगे।
पोर्टल दोबारा खुलेगा, नए टोकन भी मिलेंगे
जिले के 75 हजार टोकनों में से जिन पर शिकायतें थीं, उनकी जांच में 5,954 फर्जी टोकन मिल गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है। अब भी कोई फर्जी टोकन पकड़ में आता है तो उसे भी हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। इसके बाद अब पोर्टल को फिर से खोलकर नए टोकन जारी किए जाएंगे, हालांकि यह प्रक्रिया खरीद शुरू होने के बाद ही संभव होगी।
फर्जीवाड़ा पकड़ में आया तो भुगतान रोका जाएगा
खरीद केंद्रों पर गिरदावरी, सिंचाई पर्ची, अन्य दस्तावेज संरक्षित रखे जाएंगे। यदि कोई किसान फर्जी टोकन से तुलाई करा देता है, तो बाद की जांच में पकड़ में आने पर उसका भुगतान रोक दिया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
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