Rajasthan News: राजस्थान के कानून और संसदीय कार्य कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल आज अपने गृह जिले जोधपुर के सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने बड़ी संख्या में आए आम लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद मीडिया से रूबरू हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की जमकर तारीफ की और देशहित में फिजूलखर्ची रोकने को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया।

वीआईपी कल्चर और फिजूलखर्ची पर लगेगी लगाम

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे मौजूदा वैश्विक संकट और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा आह्वान किया है। पीएम के इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए जोगाराम पटेल ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की कि नेताओं और अफसरों के काफिले में अनावश्यक वाहनों की संख्या तुरंत कम की जाए। सरकारी बैठकों के नाम पर फाइव स्टार या निजी होटलों में होने वाले फालतू खर्चों और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से पूरी तरह परहेज किया जाए। मंत्री ने साफ कहा कि इस सादगी से जो भी धन बचेगा, उसे सीधे देश के विकास और आम जनता के कल्याणकारी कामों में लगाया जाएगा। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने हमेशा संकट के समय दुनिया को अनुशासन का संदेश दिया है।

सप्ताह में नियमित रूप से हो रही जनसुनवाई को लेकर जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की सरकार उनके द्वार तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा हमारे लिए जनता जनार्दन सर्वोपरि है। परिवार से पहले जनता के प्रति हमारा कर्तव्य आता है। राजस्थान का हर मंत्री सप्ताह में निर्धारित समय पर लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं का निपटारा कर रहा है।

स्वेच्छा से छोड़ें हिंसा

जब मीडिया ने धार्मिक त्योहारों के दौरान पशु बलि और जीव हत्या को लेकर सवाल पूछा, तो मंत्री ने बेहद संवेदनशीलता और गहराई से अपनी बात रखी। अजमेर दरगाह शरीफ की ओर से हाल ही में उठी गौ हत्या बंद करने की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा हिंदू धर्म, जैन धर्म और बिश्नोई समाज में जीव रक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। देश में गौ हत्या पूरी तरह बंद होनी चाहिए।

उन्होंने जनता से अपील की कि कोई भी त्योहार बिना किसी बेजुबान की जान लिए भी बेहद खूबसूरती से मनाया जा सकता है। यह विषय संवैधानिक और सामाजिक रूप से गंभीर है, इसलिए समाज में जागरूकता लाकर लोग स्वेच्छा से हिंसा का रास्ता छोड़ें।

जोधपुर की इस जनसुनवाई से साफ है कि भजनलाल सरकार न सिर्फ प्रशासनिक तौर पर एक्टिव है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सादगी के एजेंडे को भी धरातल पर उतारने में जुटी है।

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