Rajasthan News: फॉलोअर्स और लाइक्स बढ़ाने के चक्कर में आजकल के युवा किस हद तक गिर सकते हैं, इसकी एक बानगी राजस्थान के झुंझुनूं में देखने को मिली है। खुद को बड़ा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर समझने वाले एक युवक को रील बनाना इतना भारी पड़ गया कि उसे सीधे जेल जाना पड़ा।

उसने नारनौल के एक मंदिर में आई विदेशी महिला पर्यटक के साथ सरेआम बदतमीजी की। इसका वीडियो बनाकर उसने अपने इंस्टाग्राम पर डाल दिया। वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा भड़क गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी को दबोच लिया।

रूसी महिला पर्यटक का सरेआम पकड़ा हाथ

यह पूरी शर्मनाक घटना 7 मई की बताई जा रही है। हरियाणा के नारनौल इलाके में रघुनाथपुरा के पास एक प्रसिद्ध बालाजी मंदिर है। वहां रूस से आए पर्यटकों का एक दल दर्शन करने पहुंचा था। इसी दौरान राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुहाना का रहने वाला सचिन वहां घूम रहा था। सचिन खुद को कंटेंट क्रिएटर बताता है। उसने मंदिर परिसर में घूम रही एक रूसी महिला पर्यटक का जबरन हाथ पकड़ लिया। हाथ पकड़ने के बाद वह स्थानीय भाषा में गंदे और आपत्तिजनक शब्द बोलने लगा।

लाइक्स के लिए इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो

हैरानी की बात यह है कि सचिन का मन इतने से भी नहीं भरा। उसने इस पूरी हरकत का वीडियो रिकॉर्ड करवाया। फिर ज्यादा व्यूज और लाइक्स बटोरने के लिए इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। लोगों ने कहा कि यह हमारे देश की संस्कृति और विदेशी मेहमानों के सम्मान के खिलाफ है। विरोध बढ़ता देख सचिन ने वीडियो डिलीट भी किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

बिना मर्जी के वीडियो बनाना पड़ा भारी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो महिला की बिना मर्जी और सहमति के बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी की निजता का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला काम है। शिकायत मिलने के बाद हरियाणा की नारनौल पुलिस ने 13 मई को मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से आरोपी सचिन को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने इन कड़ी धाराओं में दर्ज किया मामला

नारनौल पुलिस ने आरोपी रीलबाज के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट के साथ-साथ नई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। आईटी एक्ट की धारा 66, बीएनएस की धारा 75 और धारा 296 और रास्ता रोकने के आरोप में धारा 126(2) भी जोड़ी गई है।

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