Rajasthan News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की पूर्व सदस्य और कवि कुमार विश्वास की पत्नी डॉ. मंजू शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों की समीक्षा की जाए।

बिना पक्ष सुने कठोर टिप्पणियां
याचिका में डॉ. शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द करने के आदेश में उनके खिलाफ कठोर और अनुचित टिप्पणियां कीं, जबकि उन्हें न तो उस मामले में पक्षकार बनाया गया था और न ही सुनवाई का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में सिर्फ संपर्क का जिक्र था, लेकिन इसी आधार पर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां की गईं।
न सबूत, न गवाह, फिर भी आरोप
डॉ. शर्मा ने दलील दी कि अदालत की टिप्पणियां किसी ठोस सबूत पर आधारित नहीं हैं। उनके खिलाफ कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग, गवाह या ऑडिट ट्रेल पेश नहीं किया गया। इसके बावजूद उनकी छवि को सार्वजनिक रूप से नुकसान पहुंचा, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा और आखिरकार इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
1 सितंबर को दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 28 अगस्त को एक भर्ती रद्द करने के आदेश में RPSC के 6 सदस्यों की संलिप्तता बताई थी। कोर्ट ने आयोग द्वारा परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों और अनियमितताओं पर भी स्वत: संज्ञान लिया था। इस फैसले के कुछ दिनों बाद, 1 सितंबर को डॉ. मंजू शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया।
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