Rajasthan News: देश में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बीच राजस्थान के सीकर से भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल ने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों से परेशान होकर सुसाइड कर लिया।

शुक्रवार को एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने मौके से ही सीधे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की फोन पर पीड़ित परिवार से बात करवाई। इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी भी काफी भावुक नजर आए।

तीन साल की मेहनत और वो आखिरी फोन

प्रदीप के पिता ने रोते हुए फोन पर राहुल गांधी को बताया कि उनका बेटा पिछले तीन साल से दिन-रात नीट की तैयारी कर रहा था। यह उसका तीसरा अटेम्प्ट था। परीक्षा देने के बाद प्रदीप ने सेंटर से बाहर निकलते ही फोन किया था। उसने खुशी-खुशी कहा था, पापा, इस बार मेरा सिलेक्शन पक्का है। प्रदीप को उम्मीद थी कि उसके 700 में से 650 नंबर आएंगे। लेकिन जैसे ही पेपर धांधली और परीक्षा रद्द होने की बात सामने आई, वह टूट गया। उसने किराए के कमरे में फंदा लगा लिया।

जमीन बेच दी, सिर पर 11 लाख का कर्ज

राहुल गांधी ने जब परिवार से पूछा कि वे उनकी क्या मदद कर सकते हैं, तो वहां मौजूद विनोद जाखड़ और प्रदीप के चाचा ने घर के हालात बताए। प्रदीप के पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए अपनी पूरी जमीन तक बेच दी थी। परिवार पर इस वक्त 11 लाख रुपये का भारी-भरकम लोन है। पूरा परिवार बेहद बदहाली में टीन की छत वाले महज दो कमरों के मकान में रहने को मजबूर है। प्रदीप के जाने के बाद अब घर में सिर्फ तीन बेटियां बची हैं।

राहुल गांधी ने दिया बड़ा आश्वासन

प्रदीप के चाचा ने बताया कि जिस टीन शेड वाले मकान में प्रदीप रहता था, उसी के सहारे उसने अपनी जान दे दी। परिवार ने रोते हुए राहुल गांधी से कहा, साहब, हमें सिर्फ न्याय चाहिए। पेपर माफियाओं को सीधे फांसी की सजा हो और आगे किसी गरीब का बच्चा न मरे, इसके लिए कड़ा कानून बने। यह सब सुनने के बाद राहुल गांधी ने परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, जो मांगें आपकी हैं, वो हम बिल्कुल पूरी कर सकते हैं, हम आपके साथ खड़े हैं।

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