Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक अजीब सा तूफान आया हुआ है। बिना किसी रैली, बिना किसी झंडे और बिना एक भी चुनाव लड़े, एक नई पार्टी ने सूबे के बड़े-बड़े नेताओं की नींद उड़ा दी है। इस पार्टी का नाम है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)।

शुरुआत महज एक इंटरनेट पेज से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते सिर्फ 4 दिनों के भीतर इस आंदोलन ने सोशल मीडिया पर 94 लाख (9.4 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स बटोर लिए हैं। हालत ये है कि इसने बीजेपी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों की रीच को भी पीछे छोड़ दिया है। जयपुर के कोचिंग सेंटरों से लेकर बाड़मेर की ढाणियों तक, हर युवा के मोबाइल स्क्रीन पर बस यही नाम तैर रहा है।

जयपुर से बीकानेर तक रातों-रात बने दर्जनों पेज

मरुधरा के युवाओं ने इस डिजिटल ट्रेंड को हाथों-हाथ लपक लिया है। इंस्टाग्राम पर CJP Rajasthan नाम से फर्जी नहीं बल्कि असली वाले दर्जनों पेज एक्टिव हो चुके हैं। अकेले राजस्थान के मुख्य पेज पर कुछ ही घंटों में 21 हजार से ज्यादा लोग जुड़ गए।

मजेदार बात ये है कि जब पड़ताल की गई तो पता चला कि एक्स (ट्विटर) पर यह अकाउंट साल 2023 का बना हुआ है। यानी किसी शातिर क्रिएटर ने अपने पुराने पेज का नाम बदलकर सीधे कॉकरोच जनता पार्टी कर दिया। फिलहाल परदे के पीछे से राजस्थान का यह हैंडल कौन चला रहा है, इसका खुलासा नहीं हुआ है। जयपुर के टोंक फाटक और गोपालपुरा बाईपास के बुक डिपो पर अब इसी की चर्चा है।

पेपर लीक के दर्द से जुड़ा कॉकरोच का कनेक्शन, युवाओं ने कहा- हम हैं कीड़े-मकोड़े!

आखिर राजस्थान के युवा इस अजीब नाम के पीछे क्यों दीवाने हो रहे हैं? इसकी वजह बहुत गहरी है। जयपुर, बाड़मेर और बीकानेर के लाइब्रेरी में दिन-रात पसीना बहाने वाले छात्रों का दर्द इसमें छुपा है।

जब हम सालों तक कमरों का किराया देकर तैयारी करते हैं और ऐन वक्त पर पेपर लीक हो जाता है, तब ये सिस्टम हमें कीड़ा-मकोड़ा ही तो समझता है। बीकानेर के एक छात्र ने लाइब्रेरी के बाहर चाय की थड़ी पर यह बात कही।

युवाओं ने इस ‘कॉकरोच’ शब्द को सीधे बेरोजगारी और पेपर लीक के जख्म से जोड़ दिया है। बाड़मेर के एक युवा डिजिटल क्रिएटर ने साफ लिखा, अगर अपने हक के लिए रोजगार मांगना कॉकरोच होना है, तो हां, हम सब राजस्थान के युवा कॉकरोच हैं।

कौन है इस पूरे बवंडर के पीछे? अमेरिका से जुड़े हैं तार

इस पूरे अतरंगे आंदोलन की डोर अमेरिका के बॉस्टन शहर से जुड़ी है। इसे शुरू करने वाला कोई बड़ा नेता नहीं, बल्कि 30 साल का एक बेरोजगार भारतीय छात्र अभिजीत है। अभिजीत ने हाल ही में बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) की पढ़ाई पूरी की है।

दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक बड़ा बयान वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सवाल उठाने वाले युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवी से की गई थी। बस, अभिजीत को यह बात चुभ गई। उसने अपने पीआर दिमाग का इस्तेमाल किया और 3 दिन में पेज बना दिया। अभिजीत का कहना है, हां, मैं ही हूं वो कॉकरोच। यह उन करोड़ों शिक्षित लेकिन संघर्ष कर रहे युवाओं का जवाब है जिन्हें कीड़ा समझा जाता है।

बिना किसी तोड़फोड़ या हिंसक प्रदर्शन के, सिर्फ मजेदार मीम्स और रील्स के जरिए युवा अपनी भड़ास निकाल रहे हैं, जिससे निपटने में फिलहाल प्रशासन के पास भी कोई फॉर्मूला नहीं है।

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