Rajasthan Nikay Chunav 2026 के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो को लेकर सरकार पर निशाना साधा। रविवार को मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम चुनाव में किसी मुख्यमंत्री का रोड शो करना पहली बार हो रहा है। उन्होंने इसे सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि नाकामी का संकेत बताया।

ढाई साल में शहरों की हालत खराब हुई
अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्थानीय निकाय चुनाव में उतरकर रोड शो करना बताता है कि सरकार को जनता के आक्रोश का एहसास हो चुका है। उनके मुताबिक ढाई साल में शहरों की हालत खराब हुई है। सड़कें टूटी पड़ी हैं, सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है और विकास के काम ठप पड़े हैं।
गहलोत ने कहा कि अगर सरकार ने ढाई साल में जनता के काम किए होते तो मुख्यमंत्री को रोड शो के जरिए चुनावी माहौल बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। जनता सरकार के काम के आधार पर खुद फैसला करती। उन्होंने मुख्यमंत्री के रोड शो को सरकार का प्लस पॉइंट नहीं, बल्कि माइनस पॉइंट बताया।
‘सरकार ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करे’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में जनता अपने आसपास हुए विकास को देखकर मतदान करती है। ऐसे में भाजपा को प्रचार और रोड शो के बजाय यह बताना चाहिए कि पिछले ढाई साल में शहरों में क्या काम हुए हैं।
गहलोत ने अपनी सरकार के समय चलाए गए ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान जनता को 12 लाख पट्टे दिए गए थे। अब भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि पिछले ढाई साल में कितने पट्टे दिए गए हैं।
दिल्ली और महाराष्ट्र से नेताओं को बुलाने का दावा
गहलोत ने कहा कि राजस्थान के निकाय चुनाव में भाजपा सरकार की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से भाजपा के नेताओं और मंत्रियों को बुलाना पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि भाजपा ने निकाय चुनाव को इतना बड़ा लक्ष्य क्यों बना लिया है। गहलोत के मुताबिक इससे साफ है कि भाजपा को जनता के गुस्से का अंदाजा हो चुका है और अब चुनाव प्रचार के जरिए जनता को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के भ्रम में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि जब जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी, तभी सरकार की नींद खुलेगी।
भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर हमला
गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की सभी हदें पार हो चुकी हैं। उनके मुताबिक आम आदमी को अपने काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है और बिना रिश्वत कोई काम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस निरंकुश शासन पर अंकुश तभी लगेगा, जब जनता चुनाव में सबक सिखाएगी। गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई जनहित की योजनाओं को भाजपा सरकार ने बंद कर दिया।
अन्नपूर्णा योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो योजनाओं से कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें हटाकर अपनी तस्वीरें लगा दे, लेकिन जनहित की योजनाओं को बंद नहीं करना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर उन्होंने इसे बढ़ाकर 3 हजार रुपये करने की मांग की।
जातिगत जनगणना पर भी उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने जातिगत जनगणना को लेकर भी केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया स्पष्ट और विश्वसनीय होनी चाहिए। उन्होंने यूपीए सरकार के समय हुई सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए गए थे। लेकिन नाम और जाति की स्पेलिंग में गलतियों के कारण आंकड़ों में विसंगतियां पैदा हुईं।
उन्होंने कहा कि मेरे नाम की स्पेलिंग Gehlot है, अगर इसे Gahlot लिख दिया जाए तो वे दो अलग जातियां और गोत्र हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग जातियों के अलग-अलग उपनाम भी हैं।
‘5 लाख का स्वास्थ्य बीमा झूठ है’
गहलोत ने केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सबको 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने का भ्रम फैला दिया है। उनके मुताबिक इसका लाभ केवल उन लोगों को मिल रहा है, जो सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना के सर्वे में शामिल थे।
गहलोत ने कहा कि जनता अब सरकार के दावों को समझ रही है। उन्होंने कहा कि न हर साल 2 करोड़ नौकरियां मिलीं, न अच्छे दिन आए, न किसानों की आय दोगुनी हुई, न काला धन वापस आया और न खातों में 15 लाख रुपये आए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मुद्दे आगामी चुनाव में प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
पढ़ें ये खबरें
- CM के रोड शो पर गहलोत का तंज, बोले- आखिर क्यों करना पड़ रहा है प्रचार?
- भिवानी में जमीन सौदे के नाम पर 3.43 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
- अजमेर में 1:45 घंटे लेट पहुंचे, फिर कांग्रेस को लेकर ऐसा क्यों बोले सीएम भजनलाल शर्मा?
- आखिर और कितने छात्रों की जान जाएगी? सत्य निकेतन हादसे पर दीपेंद्र हुड्डा का सरकार से सवाल
- पारलाखेमुंडी सब-जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत: पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप, NHRC के निर्देश पर जांच शुरू



