Rajasthan Nikay Chunav 2026 राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस की बाड़ाबंदी को लेकर अलवर में सियासत गरमा गई है। वार्ड 22 से निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा रात करीब ढाई बजे कांग्रेस के कैंप से लौटकर अलवर पहुंचे।
कुलदीप का आरोप है कि होटल में तबीयत खराब होने के बाद उन्होंने कई बार चिकित्सक बुलाने को कहा, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने परिवार को फोन किया। इसके बाद परिजन पुलिस के साथ होटल पहुंचे और उन्हें वापस अलवर लेकर आए।

कुलदीप के लौटने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के लोग पुलिस के दम पर कुलदीप को जबरन लेकर गए। वहीं भाजपा प्रत्याशी अजय पूनिया का कहना है कि कुलदीप ने खुद फोन कर मदद मांगी थी और उनकी सहमति से ही उन्हें कैंप से बाहर लाया गया।
कुलदीप बोले- डॉक्टर बुलाने के लिए कई बार कहा
कुलदीप मीणा ने बताया कि वह अपनी मर्जी से कांग्रेस की बाड़ाबंदी में गए थे। उनके मुताबिक, उन्हें 21 सितंबर तक कैंप में ही रहना था। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई और सीने में दर्द की शिकायत हुई। कुलदीप के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपनी तबीयत के बारे में बताया और डॉक्टर बुलाने के लिए कई बार कहा। उनका आरोप है कि हर बार डॉक्टर बुलाने का आश्वासन मिला, लेकिन चिकित्सक नहीं आया। इसके बाद उन्होंने परिवार को फोन किया। कुलदीप ने बताया कि उनकी बेटी की तबीयत भी खराब है। ऐसे में परिवार पहले से ही परेशान था। परिवार के पहुंचने के बाद वह वापस अलवर लौट आए।
कांग्रेस से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय लड़े चुनाव
कुलदीप मीणा ने कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस की बाड़ाबंदी से लौटने के बाद उनके बयान ने पार्टी के सामने नई स्थिति खड़ी कर दी है। कुलदीप ने कहा कि अब वह जनता से राय लेने के बाद ही किसी को समर्थन देने का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़कर पछता रहे हैं। उन पर पैसे लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि उनका कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। कुलदीप ने अपनी तबीयत का जिक्र करते हुए कहा कि उनका 22 किलो वजन कम हो गया है और परिवार भी परेशान है।
भाजपा प्रत्याशी बोले- कुलदीप ने खुद किया था फोन
भाजपा पार्षद प्रत्याशी अजय पूनिया ने दावा किया कि कुलदीप मीणा का उनके पास फोन आया था। पूनिया के मुताबिक, कुलदीप ने बताया था कि उन्हें कैंप से बाहर नहीं आने दिया जा रहा और बीमार होने के बाद भी इलाज नहीं मिल रहा। पूनिया ने कहा कि इसके बाद वे कुलदीप को लेने पहुंचे। उनका आरोप है कि कांग्रेस के कैंप में कई बाउंसर मौजूद थे और उनके साथ गलत व्यवहार करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस के पहुंचने के बाद उन्होंने अपना पक्ष रखा कि अगर कुलदीप कैंप में रहना चाहते हैं तो उन्हें वहीं रहने दिया जाए और अगर वह जाना चाहते हैं तो उन्हें जाने दिया जाए।पूनिया का कहना है कि कुलदीप अपनी सहमति से उनके साथ अलवर आए और उनकी ओर से किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई।
टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावों में पुलिस के इस्तेमाल के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। अब कांग्रेस पार्षदों के कैंप में वन विभाग के प्रवर्तन दल को भेजे जाने का भी आरोप लगाया। जूली ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं 21 सितंबर तक सभी विभागों के सरकारी कर्मचारियों को पार्षदों को इकट्ठा करने के काम में न लगा दिया जाए।
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