Rajasthan Nikay Chunav 2026 के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार को पलटवार किया। भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 309 निकायों में चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप वन स्टेट, वन इलेक्शन की दिशा में कराए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस सरकार के दौरान 2020-21 में 13 चरणों में चुनाव हुए थे और पूरी प्रक्रिया करीब 18 महीने चली थी।

हर साल जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड: राठौड़

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हर साल जनता के सामने सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। सरकार ने अपने कार्यकाल में विकास और जनकल्याण के कामों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अब निकाय चुनाव में भी भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में है।

‘दो साल तक चुनाव कराते रहे’

निकाय चुनाव में देरी और हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर अशोक गहलोत के आरोपों पर राठौड़ ने कांग्रेस सरकार के पिछले कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2020-21 में कांग्रेस सरकार के समय लगातार 13 चरणों में चुनाव हुए और पूरी चुनावी प्रक्रिया करीब 18 महीने तक चली।

राठौड़ ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के शासन में चुनाव कराने में इतना लंबा समय लगा था, तो भाजपा सरकार पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कोशिश चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा के अनुरूप चुनाव कराने की है।

सफाई कर्मचारी भर्ती पर भी कांग्रेस को घेरा

सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर गहलोत के सवालों पर भी राठौड़ ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया चल रही है और नियमानुसार बोनस अंक भी दिए जाएंगे।

राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय इस भर्ती प्रक्रिया को अटकाकर रखा गया था। अब भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कांग्रेस से आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल का रिकॉर्ड देखने को कहा।

‘गहलोत सरकार में 280 दिन आचार संहिता क्यों रही?’

राठौड़ ने सवाल किया कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में 280 दिनों तक आचार संहिता क्यों लगी रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने शासनकाल की चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर जवाब देना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार केवल चुनाव की राजनीति नहीं कर रही है, बल्कि प्रदेश में विकास कार्यों को भी गति दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने सरकार की ओर से हाईवे निर्माण पर खर्च किए गए 19,430 करोड़ रुपये का भी उल्लेख किया।

प्रताप सिंह खाचरियावास पर भी साधा निशाना

पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आरोपों पर भी राजेंद्र राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि खाचरियावास पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के परिवार से जुड़े रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि भाजपा से जुड़े रहने के दौरान खाचरियावास कुछ राजनीतिक संस्कार लेकर गए होंगे, लेकिन अब पता नहीं कांग्रेस के किस गुट में हैं कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाचरियावास अपनी खोई प्रतिष्ठा तलाश रहे हैं।

डोटासरा के ‘काका’ वाले बयान पर तंज

गोविंद सिंह डोटासरा के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को काका कहने पर भी राठौड़ ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री को काका मान ही लिया है तो यही काका प्रदेश में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ करा रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि भाजपा अपने छोटे कार्यकर्ता को भी बड़ा महत्व देती है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पार्षद प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो कर रहे हैं और पार्टी उम्मीदवारों को जिताने के लिए मैदान में उतर रहे हैं।

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