कुंदन कुमार, पटना। राष्ट्रीय कमेटी के गठन के बाद अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार में अपने सांगठनिक ढांचे को धार देना शुरू कर दिया है। इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक के कार्यभार संभालने के बाद से लगातार पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। पार्टी के इस सांगठनिक विस्तार के क्रम में शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर से निशांत मिश्रा पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख धीरेंद्र मुन्ना ने आधिकारिक पत्र जारी कर विधिवत जानकारी दी है।

पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान के करीबी और शिक्षा जगत से ताल्लुक
निशांत मिश्रा को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बेहद भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। मूल रूप से शिक्षा जगत से जुड़े होने के बावजूद वे पिछले लंबे समय से पार्टी के मीडिया प्रबंधन की कमान संभाल रहे हैं। मौजूदा सांगठनिक फेरबदल से पहले भी वे प्रदेश मीडिया प्रभारी की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहे थे। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और मीडिया जगत में उनकी सक्रियता को देखते हुए नेतृत्व ने उन्हें एक बार फिर इसी अहम पद पर बरकरार रखा है।
छात्र राजनीति से लेकर पार्टी के हर दौर के साक्षी
निशांत मिश्रा का राजनीतिक सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन से ही कर दी थी। इसके बाद उन्होंने युवा लोक जनशक्ति पार्टी में प्रदेश महासचिव जैसी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। पार्टी के भीतर आए विभिन्न राजनीतिक उतार-चढ़ाव और टूट के दौर के वे गवाह रहे हैं। पूर्व में पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाली प्रदेश कमेटी में उन्हें मीडिया सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया था।
चिराग कैंप की मजबूती और भविष्य की रणनीतिक तैयारियां
जब लोक जनशक्ति पार्टी में विभाजन हुआ और संकट का दौर आया, तब राजू तिवारी की अध्यक्षता वाली कमेटी में निशांत मिश्रा को प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी के पक्ष को मजबूती से मीडिया के समक्ष रखा और संगठन की आवाज को जन-जन तक पहुंचाया। तब से लेकर अब तक वे लगातार इस भूमिका को पूरी निष्ठा के साथ निभाते आ रहे हैं। सुरेंद्र विवेक के नेतृत्व में गठित होने वाली नई और युवा टीम में भी उन्हें वही पुरानी जिम्मेदारी मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। जानकारों का मानना है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों को देखते हुए मीडिया प्रबंधन के मोर्चे पर निशांत मिश्रा की यह निरंतरता पार्टी के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।



