सतीश सिंह,लखनऊ. प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के 3000 छात्रों को सरकार पढ़ाई के साथ साथ प्रोफेशनल स्किल की ट्रेनिंग देने जा रही है. छात्रों को यह ट्रेनिंग प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से दी जाएगी. जिससे पढ़ाई पूरी कर निकलने वाले छात्रों को नौकरी व रोजगार से जोड़ा जा सके.

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का उद्देश्य सर्वोदय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसे कौशल से जोड़ना है, जो उन्हें भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के अवसरों के लिए तैयार कर सकें. विद्यार्थियों को उनकी रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के अनुसार अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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सरकार की तरफ से प्रशिक्षण के लिए 31 संस्थाओं का चयन किया गया है. सभी चयनित संस्थाओं को प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, उनका अनुमोदन कराने, विद्यार्थियों का पंजीकरण करने और बैच गठित करने की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करनी होगी. विभाग की तरफ से 30 सितंबर तक सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है.

एक बैच में अधिकतम 35 छात्र होंगे शामिल

प्रशिक्षण के दौरान गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल होंगे, जबकि प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी. इससे विद्यार्थियों की नियमित स्कूली शिक्षा प्रभावित नहीं होगी. इसके लिए संस्था को मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा कर पुष्टि करानी होगी. इसके बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) को बैच गठित करने की अनुमति दी जाएगी.

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कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए बैच को मंजूरी देने से पहले एनसीवीईटी और एनक्यूआर पोर्टल पर संबंधित जॉब रोल की जांच की जाएगी. केवल वैध और मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण दिया जा सकेगा. पोर्टल पर भी उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी दी जाएगी, जो संबंधित प्रशिक्षण संस्था को आवंटित किए गए हैं.

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी. सामग्री दिए जाने की हस्ताक्षरित रसीद और तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (एसएससी) के निर्धारित मानकों के अनुसार होगा. भुगतान भी निर्धारित कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स के अनुसार किया जाएगा.