Rajasthan Politics News: राजस्थान की सियासत में इन दिनों एक बड़ा सवाल चल रहा है। क्या सूबे के कांग्रेस कप्तान बदलने वाले हैं? जयपुर के सियासी गलियारों से लेकर दिल्ली दरबार तक सुगबुगाहट बहुत तेज है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष पद पर बदलाव को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है। गोविंद सिंह डोटासरा जुलाई 2020 से इस कुर्सी पर जमे हैं। अब उनके कार्यकाल को करीब छह साल होने आए हैं।

क्यों उठी बदलाव की बात?

कांग्रेस में अमूमन यह जिम्मेदारी तीन साल के लिए मिलती है। डोटासरा का वक्त इससे दोगुना हो चुका है। राजनीतिक समीकरणों और संगठन की डिमांड के चलते उन्हें लगातार एक्सटेंशन मिलता रहा। उन्होंने अपनी लीडरशिप में चुनाव भी लड़वाए। यही वजह है कि अब बदलाव की चर्चाओं को हवा मिल रही है।

सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक तेवर

डोटासरा के दौर में संगठन में काफी जान आई। उन्होंने बूथ, मंडल और ब्लॉक लेवल तक कार्यकर्ताओं को खूब दौड़ाया। फिलहाल राजस्थान में कांग्रेस एक बेहद मजबूत और आक्रामक विपक्ष का रोल निभा रही है। जयपुर विधानसभा के भीतर हो या सड़कों पर प्रदर्शन, डोटासरा की टीम हर जगह फ्रंटफुट पर खेलती दिखती है।

क्या सचिन पायलट चाहते हैं यह पद?

सियासी गलियारों में चर्चा चलती रहती है कि क्या यह कमान दोबारा सचिन पायलट के पास जा सकती है? मगर सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार पायलट गुट की तरफ से कोई खींचतान या पैरवी नहीं दिख रही है। अंदरखाने से खबर आ रही है कि पार्टी के भीतर पद बदलने की इन सभी बातों में कोई दम नहीं है।

जानकारों का कहना है कि कांग्रेस इस समय नो चेंज, सिर्फ कंटिन्यूटी के फॉर्मूले पर टिकना चाहती है। पार्टी हाल ही में अपने पूरे ढांचे को नए सिरे से तैयार कर चुकी है। अब उसे नए प्रयोग करने के बजाय चुनावी मैदान में उतरना है। ऐन वक्त पर चेहरा बदलना तैयारियों को बिगाड़ सकता है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी का ध्यान इन दिनों आगामी पंचायत और निकाय चुनाव, ओबीसी वर्ग के वोट बैंक पर अपनी मजबूत पकड़ को कायम रखने के साथ राहुल गांधी के पुष्कर दौरे के बाद मिले जोश को जमीनी स्तर पर भुनाने की कोशिश में हैं।

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