Rajasthan News: राजस्थान में खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने वाली राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल खुद प्रशिक्षण के संकट से जूझ रही है। प्रदेश में पिछले 14 सालों से स्थाई कोचों की भर्ती नहीं हो पाई है। हालत यह है कि 140 स्थाई पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया अब तक अधर में लटकी है, और इस बीच काउंसिल ने प्रदेश के 41 जिलों में 500 पार्ट-टाइम कोच लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है।

इस अल्पकालिक व्यवस्था पर सरकार करीब 10 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। जानकारों का मानना है कि जहां एक ओर खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की बात होती है, वहीं 20 से 25 हजार रुपए के मानदेय पर रखे जाने वाले पार्ट-टाइम कोच खिलाड़ियों को किस स्तर की गुणवत्ता दे पाएंगे, यह बड़ा सवाल है।
भर्ती प्रक्रिया का गणित और सवाल
काउंसिल में कोचों की भारी कमी के कारण लंबे समय से प्रशिक्षण व्यवस्था ठप पड़ी है। वर्तमान में जिस एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा, उसकी जिम्मेदारी स्तरीय कोच उपलब्ध कराने की होगी। हालांकि, खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल खानापूर्ति है। 1 अक्टूबर 2023 को ग्रेड-3 के 128 कोचों के लिए विज्ञापन निकाला गया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। अब कर्मचारी चयन बोर्ड के जरिए लिखित परीक्षा कराने की बात कही जा रही है, लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी है।
मानदेय और योग्यता का ढांचा
पार्ट-टाइम नियुक्तियों के लिए आयु सीमा 18 से 60 वर्ष तय की गई है (विशेष परिस्थिति में 60+ भी), ये है मानदेय
- इंटरनेशनल खिलाड़ी: ₹25,000 प्रतिमाह
- NIS/यूनिवर्सिटी डिप्लोमा: ₹20,000 प्रतिमाह
- नेशनल/यूनिवर्सिटी मेडलिस्ट: ₹15,000 प्रतिमाह
- नेशनल/यूनिवर्सिटी पार्टिसिपेंट: ₹13,500 प्रतिमाह
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