प्रयागराज. भगवान राम के वनगमन से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही राम गमनपथ परियोजना की नवनिर्मित सड़क श्रृंगवेरपुर धाम में लोकार्पण से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई. लखनऊ मार्ग से गंगा पुल की ओर जाने वाली सड़क के करीब 100 मीटर हिस्से में चार जगह दरारें पड़ने के साथ सड़क धंस गई. सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है.
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लोकार्पण से पहले सड़क में दरार
राम गमनपथ का लोकार्पण अगले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है. ऐसे में नई सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं. विभाग ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर धंसाव की वजह बताने को कहा है.
4400 करोड़ की परियोजना से जुड़े प्रमुख तीर्थ
परियोजना के तहत अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जा रहा है. करीब 4,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर धाम, कौशांबी और चित्रकूट को जोड़ा जाना है. इसका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं की यात्रा आसान करना है.
बारिश को बताया सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह
एनएचएआई के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह के मुताबिक बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है. विभाग की ओर से इसे जल्द ठीक कराने की बात कही गई है. हालांकि, सड़क के निर्माण के कुछ समय बाद ही दरार आने से गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
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ठेकेदार कंपनी एक साल के लिए डिबार
राम वनगमन मार्ग के पैकेज-दो का काम करने वाली नई दिल्ली की एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को एक साल के लिए डिबार करने का निर्णय लिया गया है. कंपनी को 15 दिनों के भीतर मरम्मत पूरी करने का नोटिस दिया गया है. निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर थर्ड पार्टी से मरम्मत कराने की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा समझौते के तहत क्षतिग्रस्त हिस्से की लागत का 20 फीसदी जुर्माना भी लगाया जाएगा.



