रांची। रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी में नामांकन की प्रक्रिया अब पूरी तरह आरक्षण रोस्टर के दायरे में होगी। विश्वविद्यालय के 63 साल के इतिहास में पहली बार पीएचडी की सीटों पर आरक्षण रोस्टर लागू किया जा रहा है। नए नियम के तहत अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग से लेकर सीटों के निर्धारण तक पूरी प्रक्रिया आरक्षण रोस्टर के आधार पर होगी।
अब सीधे शिक्षक से संपर्क कर दाखिला नहीं
अब तक यूजीसी जेआरएफ, नेट या प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी सीधे संबंधित शोध निर्देशक से संपर्क कर पीएचडी में दाखिला ले लेते थे। इस प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी।
अब नए पीएचडी रेगुलेशन के लागू होने के बाद विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। हर विषय में उपलब्ध पीएचडी सीटों की संख्या आरक्षण रोस्टर के अनुसार तय की जाएगी।
आवेदन के बाद रोस्टर से होगी शॉर्टलिस्टिंग
पीएचडी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पहले निर्धारित मानकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद आरक्षण रोस्टर के अनुसार सीटों का निर्धारण और नामांकन किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से पीएचडी प्रवेश में आरक्षण नीति का पालन अधिक पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। यानी अब जेआरएफ, नेट या प्रवेश परीक्षा पास करना ही सीधे पीएचडी में दाखिले की गारंटी नहीं होगा, बल्कि अभ्यर्थी को निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया और आरक्षण रोस्टर के अनुरूप चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।



