गोरखपुर. उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण वोटरों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी की ओर से अयोध्या से पवन पांडेय को अपना पहला उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद बीजेपी सांसद रवि किशन ने सपा और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है.
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‘PDA का मतलब बार-बार बदल रहे’
रवि किशन ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी बार-बार PDA का मतलब बदल रही है. कभी PDA को दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक बताया जाता है तो कभी इसमें ‘P’ को पंडित बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कोई खिलौना नहीं है, जिसे आसानी से बरगलाया जा सके. उनके मुताबिक ब्राह्मण समाज स्वाभिमानी और राष्ट्रभक्त है और किसी राजनीतिक छलावे में नहीं आएगा.
‘चुनाव नजदीक आते ही ब्राह्मण याद आ रहे’
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों को ब्राह्मण समाज की याद आने लगी है. उन्होंने कांग्रेस की पूर्व सरकारों का जिक्र करते हुए ब्राह्मणों के साथ अन्याय का आरोप भी लगाया. रवि किशन ने कहा कि ब्राह्मण समाज संख्या में भले ही सीमित हो, लेकिन यह बुद्धिजीवी समाज है और किसी भी फैसले से पहले चीजों को सोच-समझकर देखता है.
सपा ने अयोध्या से पवन पांडेय को बनाया उम्मीदवार
दरअसल, समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर ब्राह्मण समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है. इसके बाद बीजेपी की ओर से भी सपा की रणनीति पर पलटवार शुरू हो गया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर ब्राह्मणों की उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं. उनका दावा है कि बीजेपी सरकार में ब्राह्मणों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा है.
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2027 से पहले बढ़ी ब्राह्मण वोट की अहमियत
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं. ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और सपा के बीच ब्राह्मण वोटरों को लेकर बयानबाजी तेज होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रवि किशन के बयान से साफ है कि बीजेपी सपा की ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश का राजनीतिक जवाब देने की तैयारी में है.


