सोहराब आलम/मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने एक बार फिर मानव तस्करी के बड़े षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल स्थित मैत्री ब्रिज पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बीआईटी टीम, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर और स्वच्छ रक्सौल संस्था की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बचा लिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान मौके से ही आरोपी शिवम केशरी को गिरफ्तार कर लिया गया, जो पूर्वी चंपारण का ही रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 104/2026 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया का खतरनाक इस्तेमाल और बहकावा
प्राप्त जानकारी और पूछताछ के अनुसार, इस पूरी घटना की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट के जरिए हुई थी। आरोपी शिवम केशरी की इस नाबालिग किशोरी से लगभग एक साल पहले स्नैपचैट पर ऑनलाइन पहचान हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला बढ़ने के बाद आरोपी ने किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और शादी का झूठा सपना दिखाया। इसी झांसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसे नेपाल में एक बेहतर नौकरी दिलाने का लालच दिया। विश्वास में आकर 22 जुलाई की रात को किशोरी ने अपना घर छोड़ दिया और आरोपी के साथ निकल पड़ी।
पहचान छिपाने की शातिर साजिश और पुलिस की जांच
मानव तस्करी के इस मामले में आरोपी ने कानून और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। सीमा पार कराने और पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने नाबालिग किशोरी को जबरन बुर्का पहनने की सलाह दी थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, सुरक्षा बलों और सहयोगी संस्थाओं की सतर्क निगाहों से वे बच नहीं सके। वर्तमान में हरैया थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध के पीछे किसी बड़े मानव तस्करी गिरोह का हाथ तो नहीं है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।


