पटना। आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, सुगम और शत-प्रतिशत भागीदारी वाला बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, मतदान के दिन यानी 30 जुलाई, गुरुवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
​इस विशेष व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नौकरीपेशा और कामकाजी वर्ग अपनी आजीविका या कार्यालय की व्यस्तता के कारण लोकतंत्र के इस महापर्व में अपने मताधिकार से वंचित न रह जाएं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को इसके सख्त अनुपालन के निर्देश दे दिए हैं।

​सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना और दायरा

​सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव रजनीश कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135-बी के तहत यह आधिकारिक निर्देश जारी किया है। इसके अंतर्गत बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के दायरे में आने वाले सभी सरकारी कार्यालय, निगम, बोर्ड, सार्वजनिक उपक्रम और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत उन सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा जो उस क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता हैं।

​निजी संस्थानों और दुकानों पर भी रहेगा नियम लागू

​यह नियम सिर्फ सरकारी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा निजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पूरी तरह लागू होता है:

  • ​निजी कंपनियां और उद्योग: औद्योगिक इकाइयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और कॉर्पोरेट दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी वोट डालने के लिए सवेतन छुट्टी मिलेगी।
  • ​दुकानें और स्थानीय प्रतिष्ठान: बाजार और गलियों में स्थित छोटी-बड़ी दुकानों पर काम करने वाले कामगारों व दुकानदारों के लिए भी यह अवकाश अनिवार्य होगा ताकि वे बिना किसी आर्थिक नुकसान के मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

​अधिकारियों को सख्त अनुपालन के निर्देश

​प्रशासन ने इस आदेश को महज औपचारिकता न मानते हुए जमीन पर उतारने के लिए कमर कस ली है। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी प्रमुख अधिकारियों, जैसे कि प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी (DM), पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस अधीक्षक (SP) और विभिन्न विभागों के अध्यक्षों को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अधिसूचना का कड़ाई से पालन करवाएं। यदि कोई निजी संस्थान या नियोक्ता अपने कर्मचारियों को मतदान के लिए अवकाश देने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

​निष्कर्ष और मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद

​लोकतंत्र के इस उत्सव में हर एक वोट की कीमत होती है। अक्सर यह देखा जाता है कि कामकाजी लोग छुट्टी न मिलने के कारण मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मतदान प्रतिशत पर असर पड़ता है। निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार की इस संयुक्त पहल से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं का उत्साह बढ़ेगा और लोग बिना किसी बाधा या संकोच के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। 30 जुलाई का यह अवकाश क्षेत्र के हर एक मतदाता के लिए अपने भविष्य को तय करने का एक सुनहरा अवसर लेकर आया है।