कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर सरगर्मी लगातार तेज बनी हुई है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ और सिर्फ झूठ की बुनियाद पर टिक हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां पेपर लीक मामलों के असली दोषियों को बचाया और बरी किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री वीडियो जारी कर जनता के बीच एक बार फिर झूठे जुमले परोस रहे हैं।
दोषियों को बचाने और लीपापोती का गंभीर आरोप
राजद विधायक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। पेपर लीक जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर पारदर्शी कार्रवाई करने के बजाय सरकार लीपापोती करने में जुटी हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रभावशाली और असली गुनहगारों को बचाया जा रहा है, जिससे न्याय व्यवस्था पर से युवाओं का भरोसा उठता जा रहा है। प्रधानमंत्री के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी से अब देश और राज्य का युवा बहकने वाला नहीं है।
युवाओं की आवाज दबाने का लगाया आरोप
भाई वीरेंद्र ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग हमेशा से युवाओं और छात्रों की न्यायसंगत आवाज को दबाने का प्रयास करते रहे हैं। लेकिन इस बार का छात्र आंदोलन पिछले सभी आंदोलनों से अलग है। छात्रों ने जिस एकजुटता और मजबूती के साथ इस आंदोलन की शुरुआत की है उसका असर अब सरकार की कार्यशैली पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण ही अब सरकार और प्रशासन कुछ-कुछ हरकत में आने को मजबूर हुए हैं।
सरकार की नीयत पर उठाए गंभीर सवाल
राजद विधायक ने अंत में कहा कि भले ही डर और दबाव के कारण सरकार अब कुछ कदम उठाने का दिखावा कर रही हो, लेकिन उनकी मूल नीयत में कोई सुधार नहीं आया है। इनकी नीयत शुरू से ही साफ नहीं रही है और वे युवाओं के हितों के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि छात्र और युवा अपने अधिकारों की लड़ाई को यूं ही बीच में नहीं छोड़ेंगे और सरकार की हर नाकामयाबी का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।


