पटना। नई दिल्ली के बाद अब बिहार की राजधानी पटना समेत कई अन्य जिलों में लगातार बढ़ रहे छात्र आंदोलनों और प्रदर्शनों को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक कड़ा कदम उठाते हुए अगले आदेश तक सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश (छुट्टियों) को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।
विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छुट्टी
पुलिस मुख्यालय द्वारा गुरुवार को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब किसी भी पुलिसकर्मी को सामान्य परिस्थितियों में अवकाश की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल अत्यधिक गंभीर या विशेष आपातकालीन परिस्थितियों में ही उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद छुट्टी पर विचार किया जा सकता है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बल की संख्या को पूरी तरह से मजबूत रखना है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
क्षेत्रीय अधिकारियों को विशेष निर्देश और 24 घंटे की चौकसी
विधि-व्यवस्था प्रभाग ने राज्य के सभी क्षेत्रीय महानिरीक्षकों (IG), उप-महानिरीक्षकों (DIG) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को पत्र लिखकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
- संभावित धरना-प्रदर्शनों और आंदोलनों के मद्देनजर पूरे प्रशासनिक तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
- शहर के सभी संवेदनशील और प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए एहतियातन फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
- जिला पुलिस बल के साथ-साथ वज्र वाहन, वाटर कैनन (पानी की बौछार करने वाले वाहन) और अन्य दंगा-रोधी उपकरणों को पूरी तरह से तैयार और दुरुस्त हालत में रखा गया है।
सोशल मीडिया पर कड़ी नजर और भ्रामक खबरों पर शिकंजा
- छात्र प्रदर्शनों के दौरान अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने साइबर सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय कर दिया है।
- फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है।
- इसका उद्देश्य समाज में तनाव पैदा करने वाली या भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को तुरंत रोकना है।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना, अफवाह या भड़काऊ संदेश फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को तुरंत चिह्नित किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खुफिया तंत्र और छात्र संगठनों पर पैनी नजर
पुलिस मुख्यालय के इन ताजा निर्देशों के बाद से ही राज्य के तमाम जिलों में खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। विभिन्न छात्र संगठनों की गतिविधियों, बैठकों और आगामी कार्यक्रमों की पूर्व सूचनाओं का संकलन तेजी से किया जा रहा है, ताकि समय रहते उचित प्रशासनिक कदम उठाए जा सकें और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू बनाए रखा जा सके।


