राजधानी दिल्ली में मंगलवार को एक बार फिर झमाझम बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूरे दिल्ली क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट (Red Alart) जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से जर्जर इमारतों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
IMD की ओर से जारी रेड अलर्ट के मुताबिक, मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। इस दौरान घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पहले इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए बाद में इसे रेड अलर्ट में बदल दिया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। पालम में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं, लोधी रोड में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के लिए सामान्य माना जाता है। अन्य क्षेत्रों की बात करें तो रिज में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रहा। जबकि आयानगर में न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान दिल्ली में औसतन 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में लोधी रोड क्षेत्र में 4.8 मिमी और रिज क्षेत्र में 6.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पालम में हल्की बारिश हुई, जबकि आयानगर में इस दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान घने बादल छाने, मध्यम बारिश होने और कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने पहले येलो अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में संभावित खराब मौसम को देखते हुए रेड अलर्ट में बदल दिया गया।
दिल्ली में लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। CPCB के अनुसार, मंगलवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 75 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों के स्तर में कमी आई है, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा मिल रही है। मानसून के दौरान होने वाली बारिश वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। इस लिहाज से दिल्ली का वर्तमान AQI 75 रहने से हवा की गुणवत्ता फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है।
जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के चलते अधिकांश निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होने और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जलभराव, फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण यात्रा का समय भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक लग सकता है। बारिश का असर परिवहन सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि रेल, सड़क और हवाई यातायात में देरी हो सकती है। इसके अलावा जलभराव की स्थिति गंभीर होने पर कुछ अंडरपासों को एहतियातन बंद किया जा सकता है, जिससे वैकल्पिक मार्गों पर यातायात दबाव बढ़ सकता है। भारी वर्षा के चलते नगरपालिका सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। बिजली और जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं में अस्थायी व्यवधान आने की संभावना जताई गई है। वहीं कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और जर्जर संरचनाओं को मामूली नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले में रखी कटी हुई फसल को बारिश से नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने या ढककर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जर्जर इमारतों, नदी-नालों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
IMD द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच प्रशासन ने नागरिकों और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण बचाव संबंधी सुझाव जारी किए हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि भारी बारिश, जलभराव और तेज हवाओं की स्थिति में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल को खुले में न रखें और उसे सुरक्षित स्थान पर संग्रहित करें। साथ ही खेतों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। मौसम खराब रहने के दौरान उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव भी नहीं करने की सलाह दी गई है।
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे स्थानों पर सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को कमजोर ढांचों, जर्जर दीवारों और अस्थिर संरचनाओं के पास खड़े न होने की सलाह दी है। इसके अलावा बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से भी बचने को कहा गया है, क्योंकि शाखाएं टूटकर गिर सकती हैं।
वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिसलन भरी सड़कों, कम दृश्यता और जलभराव के कारण सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में धीमी गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा कमजोर इमारतों में शरण लेने से बचने की सलाह दी है। साथ ही स्थानीय निकायों को जल निकासी व्यवस्था का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके।
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