चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए नई पहल की है। इसके तहत “स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम” लागू की जाएगी, जिससे कारोबारियों को आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर बीमा सुरक्षा मिल सकेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद प्रारंभिक जांच पूरी होते ही पात्र लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद विस्तृत जांच के उपरांत शेष 50 प्रतिशत राशि 45 कार्य दिवसों में प्रदान की जाएगी। यदि भुगतान में देरी होती है तो निर्धारित अवधि के बाद स्वतः ब्याज का लाभ भी मिलेगा।
प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी
अब तक उद्योगों को मिलने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि के भुगतान में देरी होने पर कोई स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं थी। नई नीति के तहत पहली बार समयबद्ध भुगतान, अग्रिम राशि जारी करने और देरी पर 8 प्रतिशत ब्याज देने की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
प्रदेश में पहले से मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना संचालित हैं, जिनमें दुर्घटना या सीमित नुकसान को कवर किया जाता है। नई योजना इनसे अलग और अधिक व्यापक होगी, जिसमें व्यापारिक संपत्ति और स्टॉक को बड़े जोखिमों से सुरक्षा दी जाएगी।
नए उद्योगों को आकर्षित करने में मिलेगी मदद
हरियाणा में MSME क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच जहां लगभग 33 हजार इकाइयां दर्ज थीं, वहीं हाल के वर्षों में औद्योगिक रोजगार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य की हिस्सेदारी देश के MSME क्षेत्र में करीब 9 से 10 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सचिव राज चावला के अनुसार, यह निर्णय निवेश के माहौल को मजबूत करेगा और छोटे व्यापारियों का भरोसा बढ़ाएगा। उनके मुताबिक, इससे नए उद्योगों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

