कुरुक्षेत्र अस्पताल विवाद के बाद नर्सिंग कर्मचारियों ने रेनू भाटिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था, जिसके बाद उन्होंने सीएम को इस्तीफा सौंपा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंप दिया है। इस फैसले ने प्रदेशभर में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि पिछले कई दिनों से उनके खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा था।

दरअसल, कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) सिविल अस्पताल में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच के दौरान रेनू भाटिया ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को लेकर सवाल उठाए थे। इसी दौरान उनके कुछ बयानों को नर्सिंग कर्मचारियों ने आपत्तिजनक बताया, जिसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।

प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ विरोध में उतर आया। कई जगहों पर नर्सों ने हड़ताल की, प्रदर्शन किए और रेनू भाटिया से सार्वजनिक माफी या इस्तीफे की मांग तेज कर दी। विरोध लगातार बढ़ता गया और यह मामला राजनीतिक व सामाजिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया।

भारी विवाद और बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार रेनू भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, इस्तीफा देने के बाद उन्होंने साफ कहा कि पद छोड़ने का मतलब महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपनी लड़ाई छोड़ना नहीं है और वे आगे भी इस मुद्दे पर सक्रिय रहेंगी।