सरोज कुमार गुप्ता/ सीतामढ़ी। जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले की रीगा चीनी मिल में मंगलवार को काम के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में मिल में कार्यरत एक मजदूर की लगभग 30 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई। इस अचानक हुई घटना से पूरे मिल परिसर में कोहराम मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

​गोपालगंज का रहने वाला था मृतक मजदूर

​मिली जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान गोपालगंज जिले के कटेया प्रखंड अंतर्गत आने वाले नवलपुर गांव के रहने वाले गंगा विष्णु यादव के पुत्र मनी यादव के रूप में हुई है। मृतक मनी यादव रीगा चीनी मिल में अपनी आजीविका चलाने के लिए मजदूरी का कार्य करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए वह लगातार मेहनत कर रहा था, लेकिन इस अनहोनी ने उसके परिवार की खुशियों को उजाड़ कर रख दिया।

​कैसे हुआ यह हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनके अनुसार, घटना के वक्त मनी यादव मिल के बॉयलर के समीप अपने नियमित कार्य में व्यस्त था। वह बॉयलर के पास काम कर रहा था कि तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। संतुलन खोने के कारण वह संभल नहीं सका और सीधे लगभग 30 फीट की ऊंचाई से नीचे जमीन पर जा गिरा। यह ऊंचाई इतनी अधिक थी कि गिरने के साथ ही उसे गंभीर आघात लगा।

​सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर आई गंभीर चोटें

​30 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण मनी यादव के सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में गंभीर आंतरिक और बाहरी चोटें आईं। जमीन पर गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर अहोश हो गया। इस भयानक हादसे को देखकर आसपास काम कर रहे साथी मजदूरों के होश उड़ गए। मिल परिसर में चीख-पुकार मच गई और तुरंत राहत व बचाव कार्य के लिए लोग उसकी तरफ दौड़े।

​अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों और मिल कर्मियों ने भारी मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्परता दिखाई। उन्होंने बिना एक पल गंवाए घायल मनी यादव को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जब मजदूर को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में ले जाया गया, तो वहां मौजूद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति का मुआयना किया और उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, ऊंचाई से गिरने और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही या रास्ते में ही मौत हो चुकी थी।

​मिल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

​इस दुखद घटना के सामने आने के बाद स्थानीय मजदूरों और लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या मिल परिसर में काम करने वाले मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण (जैसे सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और नेट) उपलब्ध कराए गए थे या नहीं? इतनी ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई? फिलहाल, इस हादसे के बाद मृतक मजदूर के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों और मिलों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।