कुंदन कुमार, पटना। बिहार में टेंडर किंग नाम से मशहूर रिशु श्री और उससे जुड़े टेंडर घाटोला मामले में सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। एसवीयू की टीम ने आज बुधवार (10 जून) को भी मामले में आईएएस अधिकारी समेत 3 अफसरों की गिरफ्तारी की है, जिसे लेकर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बड़ा बयान सामने आया है।
सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा- राजद
राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने साफ-साफ कहा है कि सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा है। इस मामले में जो बड़े अधिकारी हैं, निश्चित तौर पर उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि, रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में एक दर्जन से ज्यादा रसूखदार अधिकारियों के नाम हैं, लेकिन ना ही उसकी जांच की जा रही है और ना ही उन लोगों की गिरफ्तारी हो रही है। न ही सरकार उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रही है। सरकार सिर्फ छोटी मछलियों को गिरफ्तार कर खाना पूर्ति कर रही है।
हाईकोर्ट जज की नगिरानी में जांच की मांग
राजद प्रवक्ता ने कहा कि रिशु श्री ने कई हजार करोड़ का टेंडर घोटाला किया है। वह इतना बड़ा माफिया था कि अधिकारियों का ट्रांसफर भी वह अपने मन मुताबिक करवाता था। यह सब कुछ सामने आ गया है, तो फिर बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई करने का काम सरकार क्यों नहीं कर रही है?
उन्होंने कहा कि, इस पूरे मामले की जांच और निगरानी हाईकोर्ट के किसी जस्टिस की देख-रेख में होनी चाहिए। यही हमारे पार्टी की मांग है। एजाज अहमद ने कहा कि, जब तक हाई कोर्ट के जस्टिस की देख-रेख में इस मामले को नहीं रखा जाएगा। तब तक बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई राज्य सरकार नहीं कर पाएगी। सिर्फ इसी तरह खाना पूर्ति कर लीपा पोती कर मामले को खत्म कर दिया जाएगा।
IAS संजीव हंस गिरफ्त से बाहर
बता दें कि विशेष निगरानी टीम (SVU) ने एसवीयू कांड संख्या 05/25 मामले में यह कार्रवाई की है। टीम ने उमेश कुमार सिंह, तारिणी दास और IAS अधिकारी मुमुक्षु चौधरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले का एक और मुख्य आरोपी आईएएस अधिकारी संजीव हंस का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है । सूत्रों के अनुसार, वे फिलहाल राज्य से बाहर हैं। एसवीयू उनकी तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
न्यायालय से रिमांड मांग सकती है SVU
मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार हुए सभी अधकारियों के खिलाफ SVU के पास सबूत मौजूद है, जिसके बाद ही उनकी गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तार सभी अधिकारियों पर रिशु श्री समूह से जुड़े ठेकेदारों से कथित रूप से रिश्वत लेने और बिल भुगतान में अनियमितता करने का गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी है, जिसके बाद एजेंसी इनके रिमांड की मांग कर सकती है।
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