सोहराब आलम/ मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के छौड़ादानो प्रखंड मुख्यालय परिसर में आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु देश और प्रदेश में व्याप्त बढ़ती महंगाई, चरम बेरोजगारी और बिहार से हो रहे लगातार पलायन की समस्या रही। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व विधि मंत्री शमीम अहमद ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भागीदारी सुनिश्चित की।
सरकार की विफलताओं पर बरसे पूर्व मंत्री
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधि मंत्री शमीम अहमद ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी का जीवन दुश्वार हो चुका है। महंगाई का आलम यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। शमीम अहमद ने स्पष्ट किया कि केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि राज्य में बिजली का संकट और युवाओं का भारी तादाद में पलायन सरकार की विफलता का जीता-जागता सबूत है।
जनता को ‘भटकाने’ का लगाया आरोप
शमीम अहमद ने मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए मुद्दों को भटकाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा जब जनता रोटी और रोजगार की बात करती है, तो सरकार कभी गमछे, कभी सुरक्षाकर्मियों की संख्या तो कभी आवास जैसे गैर-जरूरी विषयों को उछालकर लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास करती है। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
’आने वाले चुनाव में जनता देगी करारा जवाब’
अपने संबोधन के अंत में पूर्व मंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा कि आज बिहार की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता इन तमाम मुद्दों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और बिहार सरकार को सबक सिखाने का काम करेगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रखंड मुख्यालय पर राजद कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान स्थानीय नेताओं ने भी अपनी बात रखी और सरकार विरोधी नारों के साथ प्रदर्शन को सफल बनाया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखा।

