अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास‌। जिले के दिनारा थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगिया गांव में बीते 5 अगस्त को हुए चर्चित चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस संवेदनशील मामले पर रोहतास के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद सीधी निगरानी बनाए हुए हैं।

​जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक प्रशासनिक सख्ती

​घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। आरोपी संपन्न किसान अजीत तिवारी के गांव जोगिया और मृतक मजदूर चंदेश्वर चौधरी के गांव मिल्की मनिहारी के बीच लगातार तनातनी की स्थिति बनी हुई है। इस खूनी संघर्ष के बाद जहां प्रतिबंधित संगठन रणवीर सेना किसान अजीत तिवारी के समर्थन में सामने आया, वहीं माले और भीम आर्मी के नेता मजदूर चंदेश्वर चौधरी के पक्ष में लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को भांपते हुए प्रशासन ने गांव में किसी भी तरह की जनसभा या भीड़ इकट्ठा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

​हत्या, आगजनी और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां

​यह पूरा मामला 5 अगस्त का है, जब जोगिया गांव के एक संपन्न किसान अजीत तिवारी पर अपने ही मजदूर चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा था। आरोप था कि किसान ने घर में ही मजदूर की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और मिल्की मनिहारी गांव के लोगों ने जोगिया पहुंचकर आरोपी के घर पर हमला बोल दिया, जिसमें जमकर तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की गई।
​हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों बाद मुख्य आरोपी अजीत तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अब तक मुख्य आरोपी के अलावा उसके एक पुत्र को भी सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसके अलावा, आरोपी के घर पर हमला करने, तोड़फोड़ और आगजनी करने के आरोप में भी पुलिस ने दो उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

​साइबर सेल की रडार पर भड़काऊ पोस्ट

​हिंसा और तनाव के पीछे सोशल मीडिया की भूमिका को भी गंभीरता से लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वाले 600 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रेस किया है। इनमें से आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वाले पांच सोशल मीडिया संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की गई है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और दोनों गांवों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रह सके।